बाढ़ में पीड़ित लोगों की हालत को देखकर रो पड़े थे अटल जी, ऐसे करी थी मदद
मुरैना। भारत देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजेपयी अब हमारे बीच नहीं रहे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी आज पंचतत्व में विलीन हो जाएंगे। फ़िलहाल अटल जी का पार्थिव शरीर कृष्ण मेनन मार्ग स्थित उनके आवास पर रखा गया है। गुरुवार को देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारतीय राजनीति के अजातशत्रु कहे जाने वाले भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता अटल बिहारी वाजपेयी का 93 साल की उम्र में दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में गुरुवार को शाम में 5.05 बजे निधन हो गया। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी बीते 11 जून से एम्स में भर्ती थे।
मुरैना के लोगों से था खास रिश्ता
बता दें कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी मध्यप्रदेश के चंबल और मुरैना से अलग ही जुड़ाव था। मुरैना में उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में काफी काम किया। एक वाकया है कि सन 84-85 का। इस समय मुरैना में रेलवे स्टेशन के पीछे वाले क्षेत्र में बाढ़ आई थी। बाढ़ इतनी भयंकर कई घर तबाह हो गए थे। उस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी जब बाढ़ पीड़ितों की हालत देखने गए तो वहीं की हालत को देखते ही वे उनकी कई बार आंखे छलछला गई। वे कई बार बिना किसी को जाने हुए ही मदद के लिए घर में घुस जाते थे। अटल जी आखिरी बार मुरैना में सन् 88 में साहित्यकार पं. छोटेलाल भारद्वाज की किताब सीतायन के विमोचन के लिए आए थे। इस दौरान उन्होंने किताब का विमोचन किया था।
इसलिए नहीं किया था अटल जी ने विवाह
अटल जी के करीबी लोग बताते है कि अटलजी सुधाजी से शादी करना चाहते थे लेकिन उनके पिता इस शादी के खिलाफ थे। वे नहीं चाहते थे कि अटल जी ये शादी करें। बाद में सुधाजी की शादी रामगोपाल बंसल से शादी कर दी गई। जिसके बाद अटल जी ने शादी न करने का निर्णय लिया और अपने एस फैसले पर पूरी जिंदगी अटल रहे। अपना ध्यान इस ओर से हटाने के लिए अटल जी ग्वालियर से कानपुर वकालात करने के लिए चले गए और फिर कभी शादी के बारे में नहीं सोचा।