हाईस्कूल की टॉपटेन में 12 और हायरसेकेंडरी की विभिन्न संकायों में 14 छात्र छत्राओं ने मारी बाजी
मुरैना. माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड में राज्य की प्रावीण्य सूची में हायर सेकंडरी में जिले के 14 और हाईस्कूल के 12 बच्चों ने जगह बनाई है। इन 26 बच्चों में से 14 बेटियां और 12 बेटे हैं। खास बात यह है कि जिले के सरकारी स्कूलों की स्थिति ज्यादा खराब है। इन 26 टॉपर बच्चों में से शासकीय स्कूल मात्र 8 बच्चे ही टॉपटेन में आए हैं जबकि प्राइवेट स्कूल के 21 बच्चे मैरिट में आए हैं।
हाईस्कूल में इस साल 27922 परीक्षार्थी शामिल हुए। इनमें 15098 उत्तीर्ण हुए हैं। जो कि पिछली 2024 व 2025 की तुलना में 22.39 प्रतिशत परीक्षा परिणाम कम रहा है। जबकि हायरसेकेंडरी में इस साल 22762 बच्चे शामिल हुए, इनमें से 12102 उत्तीर्ण हुए हैं। वर्ष 2024, 2025 की तुलना में इंटर का परीक्षा परिणाम भी 18.66 प्रतिशत कम रहा है।
पोरसा की श्रुति तोमर ने हायरसेकेंडरी बोर्ड परीक्षा की कला समूह में पहला स्थान लाकर जिले को गौरान्वित किया है। श्रुति ने दूसरी बार इतिहास रचा है। इससे पूर्व वर्ष 2024 में हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में भी तृतीय स्थान पर आई थी। श्रुति का कहना हैं कि उसने कला संकाय इसलिए ली थी कि वह आगे तैयारी करके प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहती है। यहां बता दें कि वर्ष 2018 में पिता रविन्द्र तोमर की मौत के बाद भी उसी दिन माता सीता देवी की आकस्मिक मौत हो गई थी। माता-पिता के जाने के बाद दादा जय सिंह तोमर व दादी कमलेश तोमर के सानिध्य में पोरसा में पढकऱ इस वर्ष हायर सेकेंडरी परीक्षा में मध्य प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करके परिवार का नाम रोशन किया। श्रुति ने विद्यार्थियों को कहा है कि दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ लक्ष्य बनाकर तैयारी करें तो सफलता कदम चूंमती है और कहा कि जरूरी नहीं हैं कि महानगर में ही शिक्षा ग्रहण करने से सफलता मिलती है, पोरसा जैसे छोटे कस्बे में भी शिक्षा के अपार रास्ते हैं व शर्त हैं मेहनत करें।
सांदीपनि मॉडल स्कूल कैलारस की छात्रा दीपाली पुत्र अनिल शर्मा निवासी कैलारस हाल गुजरना ने दसवीं की परीक्षा में प्रदेश में 9 वा स्थान प्राप्त किया हैं। दीपाली शर्मा ने अपनी सफलता का माता-पिता एवं शिक्षकों को दिया। दीपाली श्बताया कि में सामान्य परिवार से हूं मेरे पिताजी फोटू कॉपी की दुकान करते है और वही मेरी माता गृहणी हैं मैंने लगातार छ: से आठ घण्टे पढ़ाई की उसके बाद यह सफलता पाई हैं हमें हमेशा एक लक्ष्य बना कर पढ़ाई करना चाहिए। चर्चा के दौरान दीपाली की आखों से खुशी के आशू झलकने लगे। उसके साथ परिजन के आंशू भर आए।