आचार्य निर्भयसागर महाराज ने भगवान महावीर स्वामी जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर बड़े जैन मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं को दिया महत्वपूर्ण संदेश, जिले भर में जन्म कल्याणक पर भगवान महावीर ने किया नगर भ्रमण
मुरैना. आचार्य निर्भयसागर महाराज ने भगवान महावीर स्वामी जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर बड़े जैन मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं को महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि भगवान महावीर केवल जैनों के नहीं बल्कि जन जन के आराध्य हैं। भगवान महावीर ने सत्य अहिंसा का संदेश संपूर्ण विश्व को दिया, जिसने उनके सिद्धांतों को स्वीकार किया, वही सच्चे अर्थों में जैन कहलाने का हकदार है। आचार्य ने कहा कि जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ स्वामी के जन्म कल्याणक से लेकर अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की जन्म कल्याणक तक लगातार 20 दिनों तक धार्मिक आयोजन किया जाना चाहिए।
भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्मकल्याणक महोत्सव पर भव्य एवं विशाल रथयात्रा निकाली गई। पीत वस्त्रों में इन्द्रों ने भगवान महावीर स्वामी को रथ में सवार कर बड़े जैन मंदिर से गोपीनाथ की पुलिया, जीवाजी गंज, सूबात रोड, पुल तिराहा, हनुमान चौराहा, स्टेशन रोड, शंकर बाजार, सदर बाजार, सराफा बाजार, लोहिया बाजार होती हुई बड़े जैन मंदिर पहुंचकर धर्मसभा में परिवर्तित हुई।
भव्य रथयात्रा में आचार्य निर्भयसागर महाराज, मुनि सुदत्तसागर महाराज, मुनि भूदत्तसागर महाराज, क्षुल्लक चंद्रदत्तसागर, क्षुल्लक यशोदत्तसागर महाराज के साथ सैकड़ों की संख्या में साधर्मी बंधु, माता बहिन एवं युवा साथी श्री महावीर स्वामी भगवान का गुणगान करते हुए नंगे पैर चल रहे थे और युवा साथी अत्यंत ही श्रद्धा एवं भक्ति के साथ भगवान के रथ को अपने हाथों से खींचकर अपनी जिनेन्द्र भक्ति का परिचय दे रहे थे।
पोरसा. जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक के पावन अवसर पर पोरसा नगर में भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। यह आयोजन सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।
सोमवार, 30 मार्च को प्रात: 9 बजे प्रारंभ हुई। शोभायात्रा भिंड रोड, अंबाह रोड, सदर बाजार, सब्जी मंडी रोड एवं अटेर रोड से होते हुए पुन: मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा का नगर के विभिन्न स्थानों पर जोरदार स्वागत किया गया। इस आयोजन का संचालन अनूप चंद जैन, रविंद्र जैन, विनोद कुमार जैन, सुभाष चंद्र जैन, सुरेश चंद जैन, ताराचंद जैन, पंकज जैन, कैलाश चंद जैन, विजेंद्र कुमार जैन, महावीर जैन एवं राजीव जैन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
अंबाह. भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक के अवसर पर अंबाह में धार्मिक आस्था का विशेष वातावरण बना हुआ है। रविवार सुबह परेड चौराहे पर ध्वजारोहण के साथ 21 घंटे के श्री महावीर चालीसा पाठ का शुभारंभ हुआ। ध्वजारोहण पंडित मुकेश शास्त्री द्वारा किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने विश्व शांति और जनकल्याण की कामना के साथ सामूहिक पाठ आरंभ किया। चालीसा पाठ में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष एवं युवाओं ने भाग लिया। पूरे क्षेत्र में भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा।
जौरा. जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का 2625वां जन्मोत्सव जौरा में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर में भव्य विमान चल समारोह (शोभायात्रा) निकाला गया, जिसका विभिन्न स्थानों पर पुष्प वर्षा और आरती के साथ स्वागत किया गया। सोमवार सुबह 9 बजे दिगंबर जैन मंदिर से प्रारंभ हुई शोभायात्रा सदर बाजार, डाक खाना रोड, पुराना जौरा, पचबीघा, नेशनल हाईवे-552, हनुमान चौराहा और सुभाष मार्ग होते हुए पुन: मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।
बानमोर. महावीर जयंती के अवसर पर सकल दिगंबर जैन बंधुओं द्वारा नगर के विभिन्न मार्गो से होती हुई एक विशाल शोभा यात्रा निकाली गई। जिसका जगह-जगह नगर के गणमान्य नागरिकों व्यापारियों द्वारा पुष्प वर्षा कर भगवान महावीर की आरती उतारते हुए भव्य स्वागत किया गया। शोभायात्रा सुबह 9 बजे दिगंबर जैन मंदिर से प्रारंभ होकर गंगाराम का पुरा, फूल गंज, सिंधिया मार्केट, न्यू मार्केट, बस स्टैंड होती हुई दिगंबर जैन मंदिर पहुंची। शोभा यात्रा में महिलाएं तथा पुरुष महावीर जी का संदेश जियो और जीने दो अहिंसा परमो धर्म जैसे उद्घोष के साथ नृत्य करते हुए चल रहे थे।
भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव पर निकली श्रीजी शोभा यात्रा
सुमावली. जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2625 वां जन्म कल्याणक महोत्सव सुमावली पाŸवनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर डीजे पर त्रिशला के लाला महावीरा झूले पालना जैसे भजनों से भक्त मय माहौल में प्रात: महावीर स्वामी की शोभा यात्रा निकाली गई जो मंदिर से प्रारंभ होकर सदर बाजार, मेला मैदान, स्टेशन रोड, हनुमान चौराहा होते हुए जैन मंदिर में समापन हुआ। जहां श्री जी के कलशाभिषेक, शांति धारा पूज भक्तामर पाठ महामंडल विधान, भजन संध्या संगीत मय महाआरती आदि कार्यक्रम हुए।