नेशनल हाईवे क्रमांक 552 पर बैरियर से मुरैना गांव तक सडक़, नाला व फुटपाद निर्माण के लिए 18 करोड़ का मिला था बजट, नाला निर्माण नहीं होने से भर रहा सडक़ किनारे पानी, रहवासी व राहगीर हो रहे परेशान
मुरैना. बैरियर चौराहे से मुरैना गांव तक नेशनल हाईवे क्रमांक 552 पर 18 करोड़ की लागत से सडक़ का निर्माण हो रहा है। इस सडक़ का निर्माण मार्च- अप्रैल 2025 तक पूर्ण करना था लेकिन अभी तक न तो सडक़ निर्माण पूरा हो सका है और न ही फुटपाद व नाला निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है।
नेशनल हाईवे लोक निर्माण विभाग द्वारा सडक़ पर सीमेंटीकरण कराया जा रहा है। इस मार्ग पर सडक़ निर्माण की कार्यवाही अक्टूबर 2024 में शुरू हुई थी। दिल्ली की एक कंपनी को ठेका दिया और छह माह यानि कि मार्च- अप्रैल 2025 तक कार्य पूरा करना था लेकिन समय सीमा निकलने के बाद भी नाले व फुटपाद निर्माण दूर अभी तक सडक़ का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हुआ है। बैरियर से मुरैना गांव तक मार्ग पर सडक़ निर्माण कार्य पूरा हो चुका है लेकिन मुरैना गांव से बैरियर तक का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है।
ढाई मीटर में नाला व डेढ़ मीटर में बनना है फुटपाद
जौरा रोड पर बैरियर से मुरैना गांव और मुरैना गांव से बैरियर तक सडक़ के दोनों तरफ ढाई- ढाई मीटर चौड़ा नाला, डेढ़ मीटर फुटपाद का निर्माण होना था। लेकिन अभी तक निर्माण कार्य नहीं हो सका है।
बैरियर से मुरैना गांव तक सडक़ निर्माण पर बड़ी राशि विभाग ने जारी की थी लेकिन उसके बाद भी निर्माण कंपनी और विभागीय अधिकारियों ने गुणवत्ता पर जोर नहीं दिया है। उसी का परिणाम हैं कि एक तरफ सडक़ का निर्माण चल रहा है और दूसरी तरफ सडक़ उखड़ती नजर आ रहा है। पूर्व रहवासी इसका विरोध भी कर चुके हैं।
जौरा रोड पर सडक़ का निर्माण काफी धीमी गति से चल रहा है। अभी तक नाला व फुटपाद का निर्माण शुरू नहीं किया है, जिससे सडक़ के किनारे पानी भर रहा है।
सडक़ निर्माण के दौरान गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कंपनी के जिम्मेदारों के साथ साथ विभागीय अधिकारी भी अनदेखी कर रहे हैं, इसलिए सडक़ बनने के साथ उखड़ रही है।
यह बात सही है कि सडक़ निर्माण की समय सीमा निकल चुकी है। इसके लिए निर्माण कंपनी को नोटिस भी जारी किया है। उसको सख्त हिदायत दी है कि कार्य में तेजी लाई जाए।