
मुरैना. शिक्षा विभाग भोपाल से मुरैना जिले के 102 सरकारी स्कूलों के लिए 02 करोड़ 44 लाख 8 हजार रुपए के इंटरेक्टिव पैनल भेजे हैं। ये पैनल स्कूलों में बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने के लिए लगाए जाएंगे। पैनल सूची में ऐसे स्कूल भी शामिल हैं, जिनके पास न तो स्वयं की बिल्डिंग है और न बिजली कनेक्शन है फिर ये पैनल लगाने का क्या औचित्य है।
शासन द्वारा स्कूलों में आजकल आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम के लिए इंटरेक्टिव फ्लैट पैनल (आईएफपी) या स्मार्ट बोर्ड 65 इंच लगाए जा रहे हैं। ये डिजिटल बोर्ड पारंपरिक ब्लैक बोर्ड की जगह ले रहे हैं जो बेहतर शिक्षण और छात्र जुड़ाव के लिए अल्ट्रा एचडीटच स्क्रीन और इंटरनेट कनेक्टिविटी भी साथ में हैं। शिक्षा विभाग भोपाल से 102 स्कूल जिनमें 07 मिडिल स्कूल, 58 हाईस्कूल एवं 37 हायरसेकेंडरी स्कूल शामिल हैं, जिनके लिए प्रत्येक स्कूल के लिए दो पैनल आए हैं। इन दो पैनलों की कीमत 02 लाख 4 हजार रुपए है।
अधिकारियों ने बिना सत्यापन के भेजी सूची
शासन द्वारा पैनल भेजने से पूर्व जिला मुख्यालय से उन स्कूलों की सूची मांगी गई जिनमें पैनल लगने हैं। लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सूची भेजने से पूर्व यह सत्यापन नहीं किया कि जिन स्कूलों की सूची तैयार की है, उनकी बिल्डिंग और उनमें लाइट की व्यवस्था है कि नहीं। इसलिए अब सप्लायर को परेशानी हो रही है। कुछ स्कूलों में संस्था प्रभारियों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। संस्था प्रभारियों ने यह बात रखी भी है कि हमारे पास तो बिल्डिंग व लाइट नहीं हैं फिर इस पैनल का क्या होगा। कुछ स्कूलों से गाड़ी वापस भी हुई है।
इन स्कूलों के पास नहीं हैं स्वयं के भवन
जिले के जिन 102 स्कूलों में पैनल लगने हैं, उनमें से जींगनी हाईस्कूल, माता बसैया हाईस्कूल, हाईस्कूल धोंधा, हाईस्कूल गुढ़ाचंबल मिडिल स्कूल के भवनों में संचालित हैं। वहीं शासकीय हाईस्कूल निमास में बिजली कनेक्शन नहीं हैं। इसलिए इनमें पैनल का लगाने का क्या औचित्य है।
फैक्ट फाइल
102 स्कूलों में लगेंगे इंटरेक्टिव पैनल।
02 करोड़ 44 लाख 08 हजार की राशि के आए हैं पैनल।
02 करोड़ 4 हजार के दो पैनल आए हैं प्रत्येक स्कूल के लिए।
04 हाईस्कूल में स्वयं के भवन नहीं और एक में बिजली कनेक्शन नहीं।
इनकी सुनें
स्कूल में बिजली कनेक्शन नहीं हैं, डीईओ ऑफिस से स्टीमेट मांगा था, हम भेज चुके हैं। पैनल लेकर एक गाड़ी वाला आया था लेकिन हमने यह कहकर वापस कर दिया कि पहले बिजली कनेक्शन तो हो जाए, जिससे पैनल का उपयोग हो सके।
ब्रजेश कुमार शर्मा, प्राचार्य, शासकीय हाईस्कूल निमास
हाईस्कूल की कक्षाएं मिडिल स्कूल के भवन में चल रही हैं। फिलहाल स्वंय की बिल्डिंग नहीं हैं। अभी तो पैनल आया नहीं हैं, जब आएगा तब देखेंगे।
रचना गर्ग, प्राचार्य, शासकीय हाईस्कूल धौंधा
पहले सूची भेजी, उस समय देखना था कि स्कूल के पास भवन व बिजली कनेक्शन है कि नहीं। जिन 102 स्कूलों में पैनल लगने हैं, उनमें से कुछ जगहों पर बिल्डिंग न होने की शिकायत मिली हैं, हम भोपाल स्तर पर बात करके समाधान निकालेंगे।
Published on:
05 Mar 2026 03:29 pm
बड़ी खबरें
View Allमुरैना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
