महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे की जांच और उससे जुड़ी बयानबाजी ने सूबे की राजनीति को पूरी तरह से गरमा दिया है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिवंगत नेता अजित पवार के विमान हादसे को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में उबाल आ गया है। एनसीपी शरद गुट के विधायक रोहित पवार लगातार इसे महज दुर्घटना नहीं बल्कि संभावित साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं अब भाजपा (BJP) युवा मोर्चा ने इस पूरे मामले में नया मोड़ लाते हुए रोहित पवार से जुड़े एक चीनी मिल पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
रोहित पवार ने अब तक चार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तकनीकी सबूत पेश किए हैं और डीजीसीए (DGCA) के साथ ही विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) के दावों पर भी सवाल उठाए हैं। इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाते हुए उन्होंने शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे, मनसे प्रमुख राज ठाकरे, दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की है। रोहित जल्द ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी व टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से मिलने वाले हैं, जिससे इस जांच की मांग ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है।
रोहित पवार के हमलावर रुख के बीच भाजपा युवा मोर्चा ने उन्हें उन्हीं के आरोपों में घेरने की रणनीति अपनाई है। भाजपा युवा मोर्चा के पुणे जिला अध्यक्ष वैभव सोलनकर ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस दिन यह हादसा हुआ, उस समय बारामती इलाके में रोहित पवार के चीनी मिल से निकलने वाले अत्यधिक धुएं के कारण विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम थी। सोलनकर का कहना है कि कारखाने के औद्योगिक उत्सर्जन से पैदा हुए कृत्रिम कोहरे के कारण विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ होगा।
वैभव सोलनकर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इस मामले की गहन वैज्ञानिक और तकनीकी जांच की मांग की है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि शेठफल गडे स्थित इस चीनी मिल के कारण न केवल विमानन सुरक्षा को खतरा है, बल्कि स्थानीय नागरिकों को श्वसन संबंधी बीमारियों और आंखों में जलन की समस्या हो रही है। भाजपा ने रोहित पवार को चुनौती दी है कि वे खुद स्पष्ट करें कि क्या उनके कारखाने का धुआं बारामती में हवाई यातायात में बाधा बनता है या नहीं।
इन आरोपों को रोहित पवार ने सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हैं। मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर झूठे तथ्य पेश किए जा रहे हैं।