
एक्ट्रेस एल्नाज नोरौजी की सक्सेस स्टोरी। (फोटो सोर्स: IMDb)
Elnaaz Norouzi Refugee Camp Story: 'सेक्रेड गेम्स' और 'द ट्रेटर्स' से फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस एल्नाज नोरौजी ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बहुत संघर्षों का सामना किया है। हाल ही में फराह खान के साथ एक्ट्रेस ने बातचीत करते हुए अपने घर का टूर करवाया और अपने इस मुकाम तक पहुंचने के स्ट्रगल्स के बारे में बात की।
फराह खान ने हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस एल्नाज नोरौजी के मुंबई स्थित घर का दौरा किया। उनका आलिशान घर फारसी शैली से प्रेरित है और साथ ही उनकी साधारण शुरुआत से सफलता तक के सफर को दिखाता है। आपको बता दें कि कभी ईरान में एक छोटे से घर में रहने वाली एल्नाज बाद में अपने परिवार के साथ तेहरान से भाग गईं और रिफ्यूजी के रूप में जर्मनी में कुछ समय बिताया। आज, मुंबई में उनका एक खूबसूरत घर है, जिसमें उनके कालीनों, डाइनिंग हॉल से लेकर दीवारों पर लगी पेंटिंग्स तक, हर सामान में फारसी कल्चर दिखाई देता है।
उनके घर की सजावट देखकर फराह ने कहा, "मुझे आपके घर का माहौल बहुत पसंद आ रहा है।" फराह खान ने एक्ट्रेस से पूछा, "क्या आप भारत में अकेले रहती हैं?" तो एल्नाज ने कहा, "जी हां, मैं रहती हूं। यहां आए हुए मुझे 10 साल हो गए हैं। मैंने करीब सात साल पहले 'सेक्रेड गेम्स' की शूटिंग की थी।"
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एल्नाज ने खुद अपने घर का इंटीरियर किया है। इसके साथ ही एक्ट्रेस ने अपने घर का एक अपने पर्सनल कोना भी दिखाया, जिसमें एक दीवार जो बचपन की फोटोज से सजी थी, इन तस्वीरों में तेहरान और जर्मनी में उनके माता-पिता के साथ बिताई यादें कैद थीं।' एक्टिंग के अलावा एल्नाज़ पढ़ाई में भी काफी तेज थीं। वह जर्मनी की टॉप स्टूडेंट्स में शामिल थीं और उन्होंने रोबोट प्रोग्रामिंग भी सीखी थी।
कुछ वक्त पहले एक्ट्रेस एल्नाज नोरौजी ने साइरस ब्रोचा से बातचीत में अपने बीते दिनों के बारे में खुलकर बात करते हुए कहा कि लोग उन्हें अमीर परिवार से मानते हैं, लेकिन ऐसा नहीं था। उन्होंने कहा, “लोगों की सोच के उलट, हम एक अमीर परिवार से नहीं थे। हम ईरान में एक बहुत छोटे से घर में रहते थे। मुझे तेहरान में अपना बचपन बहुत प्यारा था, लेकिन जर्मनी के एक छोटे से शहर में जाने के बाद सब कुछ बदल गया। शुरुआत में, हम एक शरणार्थी शिविर में भी रहे।”
इसके आगे एक्ट्रेस ने बतया था कि उनकी फैमिली अच्छे मौकों की तलाश में राजनीतिक शरण लेने जर्मनी आया था। उन्होंने बताया, “हम बिना किसी दस्तावेज के आए थे। ये हमारे लिए एक बहुत बड़ा लाइफस्टाइल और सांस्कृतिक बदलाव था। ये ऐसा था मानों जैसे किसी हैपनिंग जगह से ऐसी जगह आ जाना जहां शाम 6 बजे तक सब कुछ बंद हो जाता है। हम तीन बेड वाले एक छोटे से कमरे में रहते थे, और फैमिलीज के साथ बाथरूम और किचन शेयर करते थे।” उन दिनों को याद करते हुए उन्होंने आगे कहा, “हमें खाने के लिए लाइन में लगना पड़ता था, एक आलू और एक अंडा। ऐसा होता है शरणार्थी जीवन। वहां बेसिक खाना तो मिलता था लेकिन उसको लेना बहुत मुश्किल था।” एल्नाज ने आगे कहा, “जब मैं पैदा हुई थी, तब मेरे पेरेंट्स तहखाने में रहते थे। मैं अमीर परिवार से नहीं हूं। हमने देश बदले, संस्कृति बदली, हमने जीरो से शुरुआत की।”
बता दें कि भारत में करियर बनाने के लिए उन्होंने देवनागरी और उर्दू सहित कई भाषाएं सीखीं ताकि उन्हें बाहरी न समझा जाए। उन्होंने बताया, “मैं नहीं चाहती थी कि लोग मुझे किसी खास सुविधा पाने वाली इंसान समझें। यहां काम करने के लिए मुझे भाषा सीखनी पड़ी। मैं सात भाषाएं बोल सकती हूं और मैंने जावा प्रोग्रामिंग भी सीखी है।”
Published on:
02 May 2026 08:17 pm
