शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत को मानहानि के एक मामले में बड़ी राहत मिली है। उन्हें अदालत ने बरी कर दिया है। यह मामला मेधा सोमैया द्वारा दायर किया गया था, जो भाजपा नेता किरीट सोमैया की पत्नी हैं।
भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया की पत्नी मेधा सोमैया द्वारा दायर मानहानि मामले में मुंबई की एक सत्र अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। इस मामले में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत को अदालत ने बरी कर दिया है। संजय राउत ने आरोप लगाया था कि किरिट सोमैया और उनकी पत्नी मेधा सोमैया ने 100 करोड़ रुपये के कथित शौचालय घोटाले में अनियमितताएं की हैं। यह मामला वर्ष 2022 में मीरा-भायंदर शहर में 154 सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण के लिए निकाले गए ठेके से जुड़ा था।
इन आरोपों के बाद मेधा सोमैया ने संजय राउत के खिलाफ अदालत में मानहानि का दावा दायर किया था। जिसके बाद सितंबर 2024 में मझगांव मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आईपीसी सेक्शन 500 के तहत राउत को दोषी ठहराया और उन्हें 15 दिन की जेल और 25000 रुपए का जुर्माना लगाया। इसके बाद राउत ने सत्र न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दी थी। जिसकी सुनवाई पूरी करते हुए अदालत ने मजिस्ट्रेट कोर्ट का फैसला पलट दिया और संजय राउत को आरोपों से बरी कर दिया।
मेधा सोमैया मानहानि मामले में बरी होने के बाद शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा, "ये राहत की बात है। निचली अदालत ने मुझे इस मामले में 15 दिन की जेल की सजा दी थी। हमारे वकीलों ने पूरी बात को सत्र न्यायालय के सामने रखा। आज मैं बहुत खुश हूं, मेरी पार्टी भी बहुत खुश है कि आज सत्र न्यायालय ने मुझे निर्दोष साबित किया है... हम अदालत का दरवाजा इसलिए खटखटाते हैं कि हमें न्याय मिले। जब न्याय मिलता है तो हम जैसे लोगों का अदालत पर विश्वास और ज्यादा बढ़ता है।"
इस बीच, भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा है कि वह इस मामले को हाईकोर्ट ले जाएंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने कहा, "सभी को हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में जाने का अधिकार है। मैं उनका भी आदर करता हूं।"
मुंबई के रुइया कॉलेज में ऑर्गेनिक केमिस्ट्री की प्रोफेसर मेधा सोमैया ने आरोप लगाया था कि संजय राउत ने मीडिया में उनके और उनके पति के खिलाफ झूठे और अपमानजनक बयान दिए थे। संजय राउत ने उन पर मीरा-भायंदर नगर निगम क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण के नाम पर 100 करोड़ रुपए के कथित घोटाले का आरोप लगाया था। सोमैया का कहना था कि ये आरोप पूरी तरह निराधार हैं और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए गए।
जबकि राउत का कहना था कि उन्होंने कोई मानहानि नहीं की है। उन्होंने खास ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्स के आधार पर जरूरी सवाल उठाये थे, जिससे शौचालय बनाने के मामले पर शक पैदा हुआ था। इस पर विधानसभा में चर्चा भी हुई थी।