राज्य सरकार की ओर से दिए गए निर्णय के अनुसार भारतीय मेडिकल संशोधन परिषद से मान्यता प्राप्त एसडी बायोसेंसर नामक एकमात्र कंपनी की ओर एंटीजेन टेस्टिंग की अनुमति दी गई है। आरटीपीसीआर की जांच की तुलना में यह जांच बहुत ही तेजी से रिपोर्ट देती है।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मुंबई.मुंबई में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए बीएमसी की ओर से मिशन यूनिवर्सल टेस्टिंग की शुरुआत की गई है। इसके तहत आधे घंटे में कोरोना जांच की रिपोर्ट देने वाले एंटीजेन टेस्टिंग की एक लाख किट खरीदने का निर्णय बीएमसी ने लिया है। हाल ही में सरकार की ओर रैपिड टेस्टिंग किट खरीद कॉरपोरेट हाउसेस, निजी कंपनियों को अपने कर्मचारियों की जांच करने की निर्देश दिया गया।
राज्य सरकार की ओर से दिए गए निर्णय के अनुसार भारतीय मेडिकल संशोधन परिषद से मान्यता प्राप्त एसडी बायोसेंसर नामक एकमात्र कंपनी की ओर एंटीजेन टेस्टिंग की अनुमति दी गई है। आरटीपीसीआर की जांच की तुलना में यह जांच बहुत ही तेजी से रिपोर्ट देती है। इसका उपयोग कोरोना हॉटस्पॉट अथवा प्रतिबंधात्मक क्षेत्र में और अति जोखिम और कोरोना सहित अन्य बीमारियों के मरीजों की जांच कर तत्काल रिपोर्ट प्राप्त होगी। जांच की रिपोर्ट 15 से 30 मिनट में मिलने पर पीड़ित का उपचार तत्काल करना संभव होगा। इसलिए बीएमसी ने सरकारी मान्यता प्राप्त एंटीजेन किट की 1 लाख किट ख़रीदने का निर्णय लिया है।
बीएमसी की ओर से मुंबई के सभी 35 बड़े निजी अस्पतालों की ओर एंटीजेन टेस्ट किट खरीद उपयोग करने के लिए कहा गया है। इससे संदिग्ध मरीज के साथ साथ कोरोना पीड़ित मरीज के संपर्क के व्यक्ति की जांच करने की क्षमता बढ़ाई जाएगी।. आइसीएमआर के निर्देशानुसार हाइ रिस्क व्यक्ति की 5 से 10 दिन में जांच की जाती है। ऐसे व्यक्ति की प्रतिदिन 2 हजार अतिरिक्त जांच अब की जा सकेगी। यानि कुल साढ़े चार और अतिरिक्त 2 हजार को मिलाकर कुल साढ़े छह हजार जांच हो सकेगी।
अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना भी किसी भी मेडिकल लैब से जांच करा सकते हैं। डॉक्टर से फिजीकल प्रिस्क्रिप्शन की बजाय ई-प्रिस्क्रिप्शन मिलने पर उसके आधार पर घर जाकर लैब वाले टेस्ट कर सकेंगे।