मुंबई

कोर्ट न्याय का मंदिर होना चाहिए, 7-स्टार होटल नहीं: CJI गवई ने क्यों कही यह बात?

CJI Bhushan Gavai : देश के मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई ने कहा कि न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका तीनों संस्थाएं संविधान के अधीन हैं और इनका मुख्य उद्देश्य देश के अंतिम नागरिक तक न्याय पहुंचाना है।

2 min read
Nov 06, 2025
सीएम फडणवीस के साथ CJI गवई (Photo: IANS)

मुंबई के बांद्रा (पूर्व) में बन रहे बॉम्बे हाईकोर्ट के नए परिसर का बुधवार (5 नवंबर) को भूमि पूजन किया गया। इस मौके पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) भूषण गवई ने कहा कि यह भवन ‘न्याय का मंदिर’ बने, सात सितारा होटल नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका का ढांचा वैभव और विलासिता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता की सेवा की भावना को दर्शाना चाहिए।

CJI गवई ने कहा, “मैंने कुछ अखबारों में पढ़ा कि यह इमारत अत्यधिक भव्य बनाई जा रही है। दो न्यायाधीशों के लिए एक लिफ्ट रखी गई है। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि न्यायाधीश अब सामंती युग के प्रभु नहीं हैं। चाहे कोई ट्रायल कोर्ट का हो, हाईकोर्ट का या सुप्रीम कोर्ट का, सभी संविधान के तहत जनता की सेवा के लिए नियुक्त हैं।”

ये भी पढ़ें

देश के मुख्य न्यायाधीश के लिए क्या है प्रोटोकॉल? पहली बार महाराष्ट्र दौरे पर आये CJI गवई हुए नाराज

उन्होंने आगे कहा कि न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका तीनों संस्थाएं संविधान के अधीन हैं और इनका मुख्य उद्देश्य देश के अंतिम नागरिक तक न्याय पहुंचाना है।

गवई ने इस मौके पर यह भी कहा कि नई इमारत की भव्यता बनी रहे, परंतु उसका स्वरूप जनता की जरूरतों से जुड़ा होना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि अदालतें सिर्फ न्यायाधीशों के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों और वादकारियों की सुविधा के लिए होती हैं।

CJI गवई ने अपने संबोधन में कहा, “हम अक्सर अदालतों की इमारतों की योजना बनाते समय न्यायाधीशों की जरूरतों पर ध्यान देते हैं, लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारा अस्तित्व नागरिकों और न्याय चाहने वालों के लिए है। यह इमारत ‘न्याय का मंदिर’ होनी चाहिए, न कि सात सितारा होटल।”

भूषण गवई ने इसी साल 14 मई को भारत के मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला था। उन्होंने बताया कि देश के 52वें सीजेआई के तौर पर यह महाराष्ट्र का उनका आखिरी दौरा है क्योंकि 24 नवंबर को वे इस पद से सेवानिवृत्त होंगे। उन्होंने अपने गृह राज्य की न्यायिक अधोसंरचना पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि महाराष्ट्र न्यायपालिका के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। इस समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दोनों उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व अजित पवार भी मौजूद रहे।

Updated on:
06 Nov 2025 02:28 pm
Published on:
06 Nov 2025 02:25 pm
Also Read
View All

अगली खबर