
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) को बड़ा सियासी झटका लगने जा रहा है। कलंब नगर परिषद में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सभी 9 नगरसेवक (पार्षद) आज भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा कांग्रेस का एक नगरसेवक भी भाजपा का दामन थाम सकता है। दिलचस्प बात यह है कि पहले इन 10 नगरसेवकों के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की चर्चा थी, लेकिन अब भाजपा बाजी मारती दिख रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाडी (MVA) के इन 10 नगरसेवकों का भाजपा (BJP) में प्रवेश सोलापुर में प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की मौजूदगी में होगा। ठाकरे गुट के 9 नगरसेवकों में 8 निर्वाचित नगरसेवक हैं, जबकि एक स्वीकृत नगरसेवक है।
इस घटनाक्रम को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उद्धव ठाकरे ने बुधवार को मुंबई स्थित अपने आवास मातोश्री पर धाराशिव के जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में विधायक कैलास पाटील समेत जिले के प्रमुख नेताओं को बुलाया गया था। लेकिन इस बैठक में कलंब के नगरसेवक नहीं पहुंचे। इसके बाद से ही उनके पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हो गई थीं। अब उनके भाजपा में जाने की खबर सामने आने के बाद धाराशिव की राजनीति में हलचल बढ़ गई है।
वर्तमान में कलंब नगर परिषद में शिवसेना शिंदे गुट के 4, भाजपा के 6, शिवसेना ठाकरे गुट के 9 और कांग्रेस का 1 नगरसेवक है। अब ठाकरे गुट के 9 और कांग्रेस के 1 नगरसेवक के भाजपा में शामिल होने से नगर परिषद का मौजूदा राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल जाएगा।
कलंब नगर परिषद के 'बागी' नगरसेवक शिवसेना (उद्धव गुट) विधायक कैलास पाटील के विधानसभा क्षेत्र से आते हैं। इसलिए इस संभावित दल-बदल को उनके लिए भी बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब धाराशिव की राजनीति में पहले से ही बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उद्धव गुट के सांसद ओमराजे निंबालकर के शिंदे गुट में जाने के बाद उन्होंने धाराशिव में ठाकरे गुट से जुड़े जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और नगरसेवकों से संपर्क बढ़ाया था।
कुछ समय पहले कलंब के इन नगरसेवकों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और पूर्व मंत्री तानाजी सावंत से भी मुलाकात की थी। उस समय से ही उनके राजनीतिक रुख को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि अब ये नगरसेवक शिंदे गुट में जाने के बजाय भाजपा में शामिल हो रहे हैं।
ओमराजे निंबालकर के शिंदे गुट में जाने के बाद धाराशिव में ठाकरे गुट के स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच असमंजस बढ़ा है। ऐसे में कलंब के 9 नगरसेवकों का एक साथ पार्टी छोड़ना उद्धव गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे जिले में संगठन और स्थानीय राजनीतिक पकड़ काफी कमजोर होगी।