Congress Slams Shinde-Fadnavis Government: कांग्रेस नेता नाना पटोले ने दावा किया है कि महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार बस कुछ दिन में सत्ता से दूर होने वाली है। नाना पटोले ने कहा कि वर्तमान सरकार में आंतरिक अराजकता की स्थिती है।
Bachchu Kadu Vs Ravi Rana: कांग्रेस (Congress) प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले (Nana Patole) ने एक बार फिर बीजेपी (BJP) और शिंदे सरकार (Eknath Shinde) पर हमला बोला है। नाना पटोले ने कहा, महाराष्ट्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली ईडी (ED) सरकार संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। महाराष्ट्र में असंवैधानिक सरकार है। अमरावती में ही नहीं बल्कि राज्यभर में हर जगह शिंदे-फडणवीस सरकार की स्थिती ठीक नहीं दिख रही है। पटोले ने कहा है कि आंतरिक उथल-पुथल के कारण इस सरकार का अंत जल्द ही होने वाला है।
कांग्रेस विधायक नाना पटोले ने शिंदे और फडणवीस सरकार पर जोरदार हमला बोला है. प्रहार जनशक्ति पार्टी (Prahar Janshakti Party) के प्रमुख बच्चू कडू (Bachchu Kadu) और पूर्वी महाराष्ट्र के अमरावती जिले के बडनेरा के विधायक रवि राणा के बीच जारी विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने मौजूदा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने दावा किया है कि महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार बस कुछ दिन में सत्ता से दूर होने वाली है। नाना पटोले ने कहा कि वर्तमान सरकार में आंतरिक अराजकता की स्थिती है, जिस वजह से इस सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे है। यह भी पढ़े-Maharashtra: रवी राणा और बच्चू कडू के विवाद में आदित्य ठाकरे कूदे, शिंदे गुट पर बोला तीखा हमला
कांग्रेस करेगी शिंदे सरकार को बर्खास्त करने की मांग
महाराष्ट्र कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर राज्य में भारी बारिश से प्रभावित किसानों को मुआवजा और वर्तमान राज्य सरकार को बर्खास्त करने की मांग करेगा। यह जानकारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने दी।
बच्चू कडू और रवि राणा विवाद बना सिरदर्द
गौरतलब हो कि महाराष्ट्र का सियासी पारा शिंदे गुट के विधायक बच्चू कडू और बीजेपी समर्थक विधायक रवि राणा के बीच हुए विवाद से चढ़ा हुआ है। पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए यह चर्चा का विषय बन गया है। इस विवाद को लेकर विपक्ष ने शिंदे गुट की आलोचना की है। जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे खुद भी मध्यस्थता के लिए इस विवाद में कूद पड़े हैं। लेकिन इसका कोई हल नहीं निकलता दिख रहा है, जिसके चलते शिंदे और बीजेपी के लिए यह मामला अब सिरदर्द बन गया है।