महाराष्ट्र से एक दिल दहला देने वाली खबर समाने आ रही है। आज महाराष्ट्र विधानसभा के सामने एक किसान ने खुद को जलाने की कोशिश की है। इस हादसे में उसका शरीर 15 प्रतिशत जल गया हैं। किसान को तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया जहां उसका इलाज चल रहा हैं।
मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा के बाहर मानसून सत्र के दौरान सुबह परिसर में उस्मानाबाद के एक किसान ने खुद को जलाने का प्रयास किया। इसके बाद परिसर में अचानक अफरातफरी मच गई। इस दौरान पुलिस ने उस किसान को बचाया और उसे तुरंत नजदीक के जीटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। इस घटना के बाद ये मुद्दा आज सदन में भी उठा। जिस पर विपक्षी दल ने शिंदे सरकार को घेरने की कोशिश की। विपक्ष के नेता अजित पवार ने सदन में कहा कि जब सीएम सदन में बात कर रहे थे तब एक किसान ने विधानभवन के बाहर खुद को जलाने प्रयास किया।
अजित पवार के इस बयान के बाद विधानसभा अध्यक्ष राहुल नारवेकर ने उनको टोकते हुए कहा की सदन के पास इसकी जानकारी है। राज्य के गृह मंत्री और डिप्टी सीएम फडनवीस ने सदन में कहा किसान (सुभाष देशमुख) और उनके भाई का जमीन को लेकर पुराना विवाद है। इससे पहले उनके पिताजी ने भी आत्महत्या करने का प्रयास किया था। यह भी पढ़ें: Maharashtra: लाउडस्पीकर के बाद MNS का ‘नो टू हलाल’ अभियान, टेरर फंडिंग से जोड़े तार
बता दें कि इस हादसे मे किसान सुभाष देशमुख का शरीर 15 प्रतिशत जल गया हैं। किसान को तुरंत सरकारी जीटी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया जहां उसका इलाज चल रहा हैं, लेकिन किसान ने ऐसा कदम क्यों उठाया इसकी वजह अभी तक साफ नहीं हुई है।
दूसरी तरफ, शिंदे सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता अतुल लोंढे ने कहा कि बीजेपी की सरकार आते ही किसान मंत्रालय और विधान भवन के समाने ऐसा कदम क्यों उठातेहैं ? इसी बीजेपी सरकार के कार्यकाल के दौरान धरमा पाटिल जैसे किसान ने मंत्रालय में आत्महत्या की थी। ये सरकार 400-500 रुपए प्रति हेक्टर की मदद किसानो को दे रही हैं जिसकी वजह से किसान बेबस होकर ऐसे कदम उठा रहे हैं।