महाराष्ट्र में एमवीए सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इन सब के बीच शिवसेना ने अपने विधायकों को लेकर व्हीप जारी किया है। दरअसल उद्धव सरकार में मंत्री एकनाथ शिंदे के बगावती तेवर के कारण सियासी संकट खड़ा हुआ है।
मुंबई: महाराष्ट्र में उद्धव सरकार पर संकट मंडरा रहा है। साथ ही सियासी बयानबाजी भी खूब हो रही है। इन सब के बीच महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट मीटिंग हुई है। जिसमें शिवसेना के आठ मंत्री शामिल नहीं हुए हैं। जो मंत्री शामिल नहीं हुए हैं उसमें एकनाथ शिंदे, गुलाबराव पाटिल, दादा भूसे, अब्दुल सत्तार, शंभूराज देसी, बच्चू कडू और राजेंद्र येद्रावकर का समावेश हैं। दूसरी तरफ सीएम उद्धव ठाकरे भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। कैबिनेट मीटिंग खत्म होने के बाद शिवसेना ने अपने विधायकों को लेकर व्हीप जारी किया है।
शिवसेना ने कैबिनेट मीटिंग के बाद सभी विधायकों को लेकर व्हीप जारी किया है। साथ ही पार्टी ने शाम 5 बजे तक सीएम के आधिकारिक आवास वर्षा पर पहुंचने के लिए कहा है। ऐसे में जो विधायक यहां नहीं पहुंचेगा उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। इसी बीच शिवसेना के एक और विधायक ने भाजपा के साथ जाने का इशारा दे दिया है। हालांकि ये विधायक गुवाहाटी में नहीं बल्कि मुंबई में हैं। इस विधायक का नाम दीपक केसरकर है।
कैबिनेट बैठक में कोरोना संक्रमित होने के कारण सीएम उद्धव ठाकरे वर्चुअल रूप से शामिल हुए थे। इस पूरे घटनाक्रम के बीच एकनाथ शिंदे ने फिर दावा कर कहा कि उनके साथ 46 विधायक हैं। हालांकि उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि वे देवेंद्र फडणवीस या फिर भाजपा के किसी नेता के संपर्क में नहीं हैं। दरअसल शिवसेना के साल 2019 में 56 विधायक जीतकर आए थे। लेकिन एक विधायक के निधन के कारण यह संख्या अब 55 है। ऐसे में एकनाथ शिंदे के दावे के कारण सरकार गिरने का खतरा मंडरा रहा है।
राज्य में सियासी संकट के बीच महा विकास अघाड़ी सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता छगन भुजबल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी पुणे में संत तुकाराम शिला मंदिर का लोकार्पण करने के लिए आए थे। यहां से प्रधानमंत्री मोदी एकनाथ शिंदे को लेकर गए।