
राज ठाकरे और CM देवेंद्र फडणवीस (Photo: IANS)
महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से ऑटो-रिक्शा व टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने का मुद्दा गरमाया हुआ है। राज्य सरकार ने बाहरी राज्यों से आए चालकों के लिए 1 मई से मराठी भाषा जरुरी कर दिया था और लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी थी। हालांकि, यूनियनों के विरोध के बाद इस नियम को लागू करने की समय सीमा अगस्त तक बढ़ा दी गई है। इसी मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने सरकार पर कटाक्ष किया। जिसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी पलटवार करते हुए अपनी सरकार का रुख सामने रखा है।
आज महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए सीएम फडणवीस ने कहा, अपनी मातृभाषा पर गर्व करना जरूरी है, लेकिन भाषा के आधार पर हिंसा या भेदभाव को कभी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। महाराष्ट्र की पहचान कभी संकुचित सोच वाली नहीं रही। महाराष्ट्र ने कभी भी ऐसी मानसिकता नहीं रखी कि प्रवासी यहां न रहें या यहां केवल कुछ खास लोग ही रहें। छत्रपति शिवाजी महाराज ने भी यही संदेश दिया था।
गुरुवार को महाराष्ट्र दिवस की पूर्व संध्या पर पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में राज ठाकरे ने कहा, “आज महाराष्ट्र में रिक्शा चालकों के मराठी बोलने का मुद्दा उठा है। कोई महाराष्ट्र में रहकर यह कहने की हिम्मत कैसे कर सकता है कि वह मराठी नहीं बोलेगा? ऊपर से हमारे मंत्री उन्हें और समय दे रहे हैं, क्या आप में हिम्मत नहीं है? उनके परमिट लाइसेंस रद्द क्यों नहीं किए जाते? राजनीति के कारण यह सब हो रहा है।“ उनके इस बयान ने भाषा के मुद्दे को और गरमा दिया।
महाराष्ट्र दिवस के मौके पर मुंबई के हुतात्मा चौक में श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "महाराष्ट्र कभी इतना संकुचित नहीं रहा कि यहां दूसरे राज्यों के लोग न रहें। यहां केवल कुछ खास लोग ही रहें। छत्रपति शिवाजी महाराज ने हमें जो 'महाराष्ट्र धर्म' सिखाया है, उसमें भी ऐसी सोच के लिए कोई जगह नहीं है। मुझे गर्व होता है जब मेरा मराठी भाई देश के किसी भी राज्य में जाकर वहां की संस्कृति और विकास में योगदान देता है।"
सीएम फडणवीस ने कहा कि अपनी भाषा पर गर्व होना अच्छी बात है और महाराष्ट्र में रहने वाले हर व्यक्ति को मराठी सीखनी ही चाहिए। उन्होंने आगे कहा, "जो लोग यहां रह रहे हैं, वह मराठी सिखने का प्रयास कर रहे हैं, जिन्हें नहीं आती, उन्हें हम मराठी सिखाने का प्रयास करेंगे। लेकिन भाषा के आधार पर हिंसा करना, विवाद पैदा करना या भाषा न आने पर किसी को पीटना हमें बिल्कुल मंजूर नहीं है।"
उन्होंने यह भी कहा कि मराठी एक सुंदर और सरल भाषा है, जिसे बिना किसी संघर्ष या हमले का सहारा लिए आसानी से सिखाया जा सकता है। इसलिए, हम उन सभी लोगों को मराठी भाषा सिखाने का प्रयास करेंगे।
Updated on:
01 May 2026 05:20 pm
Published on:
01 May 2026 05:20 pm
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