एमआईएम नगरसेविका (पार्षद) सहर शेख ने पत्रकारों से कहा कि वह हिंदी में बोलने में सहज हैं, हालांकि उन्हें मराठी आती है, लेकिन उनका मराठी व्याकरण कमजोर है। ऐसे में अगर वह मराठी में बोलेंगी, तो उनसे कोई ऐसी गलती हो सकती है, जिससे विवाद खड़ा हो सकता है। इस दौरान सहर ने यह भी कहा कि भाषा के संबंध में कोई किसी पर दबाव नहीं डाल सकता।