
Mehmood-Lucky Ali Family Dispute (सोर्स- IMDb)
Mehmood-Lucky Ali Family Dispute: भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब भी महान कॉमेडियन की बात होगी, तो महमूद का नाम सम्मान के साथ लिया जाएगा। ‘पड़ोसन’, ‘बॉम्बे टू गोवा’, ‘गुमनाम’ और ‘कुंवारा बाप’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से दर्शकों को हंसाने वाले महमूद ने दशकों तक बॉलीवुड पर राज किया।
लेकिन कैमरे के पीछे उनकी जिंदगी उतनी खुशहाल नहीं थी, जितनी पर्दे पर दिखाई देती थी। हाल ही में फिल्म लेखक और सिनेमा इतिहासकार हनीफ जावेरी ने महमूद के पारिवारिक जीवन को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं।
हनीफ जावेरी ने 'मेरी सहेली' के साथ एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान कहा कि महमूद अपने बच्चों की वजह से अक्सर मानसिक तनाव में रहते थे। उन्होंने दावा किया कि मशहूर गायक और अभिनेता लकी अली ने भी अपने शुरुआती दिनों में पिता को काफी परेशानियों का सामना करवाया था। हालांकि बाद में लकी अली ने अपनी अलग पहचान बनाई और सफलता हासिल की, लेकिन उससे पहले का दौर परिवार के लिए बेहद कठिन बताया जाता है।
जावेरी के अनुसार, महमूद के कई बच्चे पूरी तरह अपने पिता पर निर्भर थे। परिवार में अक्सर ऐसे हालात बनते थे, जिनसे महमूद परेशान हो जाते थे। उन्होंने दावा किया कि घर में सामान लाया जाता था और बाद में वो गायब हो जाता था। कभी कोई बच्चा घर छोड़कर चला जाता तो कभी किसी और वजह से नया विवाद खड़ा हो जाता था।
उनका कहना है कि महमूद अपने बच्चों के भविष्य को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे। उन्होंने कथित तौर पर अपने बच्चों के लिए काफी धन भी सुरक्षित रखा था ताकि आगे चलकर उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। लेकिन जावेरी का दावा है कि वह पैसा भी सही दिशा में इस्तेमाल नहीं हो पाया और धीरे-धीरे खत्म हो गया।
हनीफ जावेरी ने बताया कि उन्होंने महमूद के करीबी लोगों से कई ऐसी बातें सुनी थीं, जिनसे पता चलता है कि अभिनेता अपने कुछ बच्चों की आदतों से खुश नहीं थे। उनके अनुसार, महमूद कई बार दोस्तों से अपने मन की बात साझा करते थे और कहते थे कि बच्चों की वजह से उन्हें काफी चिंता झेलनी पड़ रही है।
जावेरी का मानना है कि परिवार में पैदा हुई कई समस्याओं की जड़ माता-पिता के अलगाव और बच्चों के पालन-पोषण की परिस्थितियां थीं। उन्होंने कहा कि जब परिवार टूटता है और बच्चे लंबे समय तक माता-पिता से दूर रहते हैं, तो उनके जीवन पर उसका गहरा असर पड़ सकता है। महमूद फिल्मों में बिजी रहते थे, जबकि बच्चे बोर्डिंग स्कूलों में पढ़ते थे। ऐसे में उन्हें वह मार्गदर्शन नहीं मिल पाया जिसकी उन्हें जरूरत थी।
पॉडकास्ट में जावेरी ने ये भी दावा किया कि महमूद अपने सभी बच्चों से समान रूप से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कहा कि अभिनेता कुछ बेटों के बेहद करीब थे, जबकि कुछ बच्चों के फैसलों और जीवनशैली ने उन्हें निराश किया। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि हर परिवार की अपनी परिस्थितियां और संघर्ष होते हैं। कोई बच्चा जीवन को बेहतर तरीके से संभाल लेता है तो कोई रास्ता भटक जाता है।
महमूद की जिंदगी का सबसे बड़ा पहलू शायद यही था कि निजी परेशानियों के बावजूद उन्होंने कभी अपने दर्द को दर्शकों तक नहीं पहुंचने दिया। पर्दे पर आते ही वह वही कलाकार बन जाते थे, जो लोगों को हंसाने का हुनर जानता था। उनकी कॉमिक टाइमिंग और सहज अभिनय आज भी दर्शकों को उतना ही पसंद आता है जितना दशकों पहले आता था।
Published on:
14 Jun 2026 09:51 am
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