इस सवाल का जवाब देते हुए रकुल ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा इस किरदार की गहराई और जटिलता ने आकर्षित किया। उनके मुताबिक इतिहास ने शूर्पणखा को अक्सर केवल एक प्रसंग तक सीमित कर दिया है, जबकि उसके व्यक्तित्व के कई और पहलू भी हैं। एक कलाकार के तौर पर ऐसे किरदार निभाना ज्यादा रोमांचक होता है, जो लोगों की बनी-बनाई सोच को चुनौती दें। उन्होंने उम्मीद जताई कि जब दर्शक फिल्म देखेंगे तो शूर्पणखा को खुले मन से समझने की कोशिश करेंगे।