
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में शिंदे सरकार की स्थापना हुए अभी तीन महीने ही हुए हैं। इसी बीच अचानक मतभेद ही खबरें सामने आई हैं। दरअसल कहा गया कि संरक्षक मंत्री पद की नियुक्ति को लेकर प्रताप सरनाइक और एकनाथ शिंदे के बीच नाराजगी की चर्चा हो रही है। हालांकि सीएम ने इन सवालों का जवाब एक ही लाइन में देकर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है।
महाराष्ट्र की नई सरकार में कोई मंत्रिपद तो कोई संरक्षक मंत्री पद न मिलने से नाराज है। इसी बीच चर्चा शुरू हुई कि मुख्यमंत्री के करीबी और एक ही जिले से ताल्लुक रखने वाले प्रताप सरनाइक खफा हैं। हालांकि सीएम एकनाथ शिंदे ने एक शब्द में ही ऐसा जवाब दिया है कि मामला सुलझ गया है। उन्होंने कहा कि हम दोनों साथ हैं ये आप देखते हैं फिर कैसा मतभेद? हालांकि सरनाइक का हावभाव कुछ अलग ही नजर आया।
गौर हो कि ठाणे में ओवला मजीवाड़ा शिवसेना का एक निर्वाचन क्षेत्र है। प्रताप सरनाइक ने मांग की है कि वह हमारे पास रहे। लेकिन मुख्यमंत्री चाहते हैं कि नाइक इस निर्वाचन क्षेत्र को छोड़ दें। तब से ये मतभेद की खबरें सामने आने लगी। प्रताप सरनाइक और मुख्यमंत्री के बीच मतभेद की खबर जैसे ही फैलने लगी सरनाइक के बेटे पूर्वेश ने एक पोस्ट ट्वीट किया।
इस पोस्ट में प्रताप सरनाइक और मुख्यमंत्री को एक दिल और एक जान हैं कहते हुए मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की गई। दरअसल मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा था कि ओवाला मजीवाड़ा को भाजपा के पूर्व विधायकों के लिए छोड़ दिया जाना चाहिए। इसी बात को लेकर सरनाइक और शिंदे के बीच मतभेद हो गया।