महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के बीच असली शिवसेना को लेकर जंग जारी हैं। इस बीच एनसीपी के नेता महेश तपासे (Mahesh Tapase) ने एक वीडियो जारी करते हुए किसकी है असली शिवसेना ये बताया हैं। एनसीपी नेता ने कहा कि इसका फैसला अभी चुनाव आयोग के पास लंबित है।
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के बीच असली शिवसेना को लेकर जंग जारी हैं। इस बीच सोमवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) गुटखेमे की शिवसेना को असली शिवसेना करार दिया हैं। एनसीपी प्रवक्ता महेश तपासे (Mahesh Tapase) ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना ही असली शिवसेना है। हालांकि इस पर फैसला अभी चुनाव आयोग के पास लंबित है।
एनसीपी नेता महेश तपासे ने कहा कि दशहरा के दिन दोनों खेमों द्वारा दो बड़ी रैलियां आयोजित होने वाली हैं। हालांकि असली शिवसेना पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे के विचारों को लेकर आगे चलती है, जो उद्धव ठाकरे की शिवसेना हैं। इस साल दशहरा के मौके पर दो रैलियां होंगी, एक बाला ठाकरे के विचारों, परंपरा, निष्ठा और स्वाभिमान की है, जिसका मतलब उद्धव ठाकरे की रैली है। असली शिवसेना वहीं है जिसके पास बाल ठाकरे के विचार हैं। यह भी पढ़ें: Maharashtra News: घंटों इंतजार के बाद भी एकनाथ खडसे से नहीं मिले अमित शाह, बीजेपी नेता गिरीश महाजन ने दी ये सलाह
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को मुंबई के शिवाजी पार्क में दशहरा रैली की इजाजत दे दी हैं। दशहरा के दिन उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाला खेमा मुंबई के शिवाजी पार्क में रैली करने वाला है। वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने उद्धव ठाकरे को झटका देते हुए शिंदे खेमे की उस याचिका को हरी झंडी दे दी है जिसमें असली शिवसेना के रूप में मान्यता और पार्टी के धनुष-बाण चुनाव चिन्ह के आवंटन की मांग की गई थी।
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के खेमे ने 5 अक्टूबर को होने वाली दशहरा रैली के लिए बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में एमएमआरडीए मैदान बुक किया है। शिवसेना में बगावत होने के बाद से एनसीपी प्रमुख शरद पवार और पार्टी के दिग्गज नेता उद्धव ठाकरे का समर्थन कर रहे हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सेना महा विकास अघाड़ी के तीन सदस्यों में से एक है।
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के 39 विधायकों की बगावत के बाद जून में उद्धव सरकार गिर गई थी। जिसके बाद बीजेपी के साथ मिलकर एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र में अपनी सरकार बनाई थी। इसके बाद से ही शिवसेना दो गुटों में बट गई है, जिसमें एक खेमे का नेतृत्व सीएम एकनाथ शिंदे और दूसरे गुट का नेतृत्व उद्धव ठाकरे के हाथों में हैं।