महाराष्ट्र में सियासी घमासान जारी हैं। इस बीच शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश तानाशाही की तरफ बढ़ता जा रहा है और वह आजादी की रक्षा करने वाले किसी भी शख्स से हाथ मिलाने को तैयार हैं।
महाराष्ट्र में सियासी घमासान जारी हैं। इस बीच रविवार को राज्य के पूर्व सीएम और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश तानाशाही की तरफ बढ़ता जा रहा है और वह आजादी की रक्षा करने वाले किसी भी शख्स से हाथ मिलाने को तैयार हैं। उद्धव ठाकरे ने यह बात एक प्रोग्राम के दौरान कही, जहां उन्होंने पहली बार वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर के साथ मंच शेयर किया और उनके साथ हाथ मिलाने का संकेत भी दिया।
इसके साथ ही उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। बीजेपी पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि मौजूदा समय में रेपिस्ट और हत्यारों को बरी कर दिया जाता है, रिहाई के बाद उन्हें सम्मानित किया जाता है और चुनाव लड़ने के लिए टिकट भी दिया जाता है। यह हिंदुत्व नहीं है। उद्धव ने यह भी कहा कि मौजूदा समय में फूट डालो और राज करो की ब्रिटिश नीति का अनुसरण किया जा रहा है। यह भी पढ़े: Maharashtra News: औरंगजेब को पत्र लिखकर शिवाजी ने 5 बार मांगी माफी! सुधांशु त्रिवेदी ने दिया विवादित बयान; महाराष्ट्र में छिड़ा संग्राम
बता दें कि प्रकाश आंबेडकर संविधान निर्माता डॉ बीआर आंबेडकर के पोते हैं। उद्धव ठाकरे के दादा 'प्रबोधनकार' केशव सीताराम ठाकरे के कामों को दर्शाने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रबोधनकार डॉट कॉम को शुरू करने के अवसर पर ये दोनों दिग्गज नेता एक साथ थे। इस मौके पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश तानाशाही की तरफ बढ़ रहा है। उन लोगों को बाहर फेंकने की आवश्यकता है जो सत्ता के लालची हैं। मैं उन लोगों से हाथ मिलाने को पूरी तरह से तैयार हूं जो आजादी की रक्षा करना चाहते हैं। मौजूदा समय में फूट डालो और राज करो की ब्रिटिश नीति का अनुसरण किया जा रहा है।
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रकाश आंबेडकर को ज्ञान और जानकारी से भरपूर व्यक्ति बताया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह और आंबेडकर वैचारिक रूप से एक ही मंच पर हैं और साथ काम करेंगे। ठाकरे ने आगे कहा कि अगर हम साथ नहीं आते हैं तो हमें अपने दादा का नाम लेने का कोई हक नहीं है। उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा समय में गाय का मांस मिलने पर पीट-पीट कर मार डाला जाता है, लेकिन रेपिस्ट और हत्यारों को रिहा कर दिया जाता है, रिहाई के बाद उन्हें सम्मानित किया जाता है और इलेक्शन लड़ने के लिए टिकट भी दिया जाता है। यह हिंदुत्व नहीं है। उद्धव ठाकरे का इशारा बिल्किस बानो प्रकरण के सभी 11 अभियुक्तों की रिहाई की तरफ था।