
Maharashtra TET Paper Leak: महाराष्ट्र के भिवांडी में टीईटी (TET) पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। इस परीक्षा घोटाले में पुलिस अब तक कुल 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। कोणगांव पुलिस स्टेशन में इस मामले से जुड़ा केस दर्ज है। हाल ही में गिरफ्तार हुए दो मुख्य आरोपियों पवन कुमार यादव और हरिओम सिंह की पुलिस कस्टडी आज खत्म हो गई। इसके बाद भिवांडी कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दे दिया। आरोपियों के वकील शैलेश गायकवाड़ के मुताबिक, इस मामले के 10 अन्य आरोपी पहले ही जेल में हैं। अब केस के सभी 12 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।
टीईटी पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र, बिहार और हरियाणा में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पुलिस जांच में बिहार के समस्तीपुर जिले के निवासी बिजेंद्र गुप्ता को इस नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड बताया गया है।
पिछले हफ्ते इस मामले में उत्तर प्रदेश से तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि राज्य द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने आगरा स्थित एक निजी प्रिंटिंग कंपनी के कर्मचारी नरेश कुमार महोरे, संजयकुमार शर्मा और बाबूलाल कुशवाहा को गिरफ्तार किया। आरोप है कि इन तीनों ने प्रश्नपत्रों की छपाई प्रक्रिया के दौरान इन्हें एक सुरक्षित केंद्र से बाहर निकाला। पुलिस को शर्मा के पास से तीन कारतूस भी मिले है। तीनों को ठाणे जिले के भिवंडी लाया गया, जहां कथित प्रश्नपत्र लीक का मामला पहली बार सामने आया था। एसआईटी ने खुलासा किया था कि यह गिरोह दिल्ली, आगरा, बिहार और हरियाणा तक फैला हुआ था।
महाराष्ट्र स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने वैशाली पुलिस की सहायता से बिहार के हाजीपुर के एक साइबर कैफे में छापेमारी की थी। तब कैफे संचालक समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। इस दौरान जांचकर्ताओं ने परिसर के अंदर दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की गहन जांच की।
महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा के लिए 4.28 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। महाराष्ट्र टीईटी 2026 परीक्षा 27 जून को होने वाली थी, लेकिन परीक्षा होने से एक दिन पहले इसे तब स्थगित कर दिया गया था, जब ठाणे जिले की पुलिस ने प्रश्नपत्र के एक हिस्से के लीक होने के बारे में पता लगाया और तीन लोगों को गिरफ्तार किया।