कोरोना वायरस (Covid-19) का संक्रमण रोकने के लिए 14 अप्रैल तक पूरे देश में लॉक डाउन घोषित है। कोविड-19 मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच मुंबई (Mumbai) सहित समूचे महाराष्ट्र (Maharashtra) के लोग लॉक डाउन खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे शनिवार को मुखातिब जरूर हुए, मगर लॉक डाउन का फैसला जनता के पाले में डाल दिया। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) राजेश टोपे ने इशारा किया कि लॉक डाउन चरणों में वापस लिया जाएगा।
मुंबई. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thakeray) ने शनिवार को सोशल मीडिया के जरिए जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कोरोना (Corona) के खिलाफ जारी लड़ाई में घर में रहते हुए आप सरकार का साथ दें। 14 अप्रेल को लॉक डाउन खत्म होगा या नहीं? मुख्यमंत्री ने यह कहते हुए फैसला जनता के पाले में डाल दिया कि यह आपके व्यवहार पर निर्भर करेगा। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (Rajesh Tope) ने संकेत किया कि लॉक डाउन चरणों में हटाया जा सकता है।
मुंबई (Mumbai) में कोरोना का फैलाव रोकने के लिए बीएमसी (BMC) की ओर से 10 विशेष क्लीनिक शुरू की गई हैं। इतना ही नहीं घनी आबादी वाले महानगर के 10 परिसरों में ड्रोन से निगरानी की जा रही है। ड्रोन के जरिए पता लगाया जाएगा कि घर में रहने का नियम कितने लोग तोड़ रहे हैं। नियम तोडऩे वालों के खिलाफ पुलिस (Mumbai Police) सख्त कार्रवाई करेगी।
धर्म और जाति नहीं देखेगा कोरोना
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचने का एक ही उपाय है कि आप लॉक डाउन का पालन करें। जितना हो सके घर में रहें। कोरोना का वायरस नहीं देखेगा कि आप किस धर्म या जाति के हैं। जिसे भी पाएगा, कोरोना उसे पकड़ लेगा। कोरोना का अभी कोई उपचार नहीं है। सोशल डिस्टेंसिंग वह तरीका है, जिसके माध्यम से हम इसे मात दे सकते हैं। इसलिए आप बहुत जरूरी हो तो ही घर से निकलें।
डॉक्टर-नर्स और पुलिस पर हमले बर्दाश्त नहीं
उद्धव ने कहा कि डॉक्टरों, नर्सों के साथ दुव्र्यवहार नहीं होना चाहिए। पुलिस पर हमले नहीं किए जाने चाहिए। ये सभी लोग कोरोना को रोकने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। सरकार इस तरह की कोई भी हरकत बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की बात भी कही। सख्त लहजे में कहा कि जो लोग भी भड़काऊ वीडियो-फोटो भेजेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।