Mumbai mayor election: चार साल से अधिक समय बाद 11 फरवरी को बीएमसी की जनरल बॉडी बैठक होगी, जिसमें मुंबई के नए मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव किया जाएगा। इसको लेकर महायुति गठबंधन ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं।
Mumbai mayor election: मुंबई में चार साल से अधिक समय बाद 11 फरवरी को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की हेरिटेज हॉल में जनरल बॉडी की बैठक होने जा रही है। इसी बैठक में मुंबई के नए मेयर और डिप्टी मेयर का चयन किया जाएगा। शनिवार (7 फरवरी) को सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने अपने उम्मीदवारों के नामों का औपचारिक ऐलान कर दिया, जिसके बाद उम्मीदवारों ने नगर सचिव कार्यालय में नामांकन दाखिल किया।
भाजपा ने वरिष्ठ नगरसेविका ऋतु तावड़े को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है, जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने संजय शंकर घाड़ी को डिप्टी मेयर पद के लिए नामित किया है। विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) ने कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा है, ऐसे में महायुति के दोनों उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है।
मुंबई में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव बीएमसी के आम चुनाव के बाद पहली जनरल बॉडी बैठक में नगरसेवकों (कॉरपोरेटर्स) के बीच से किया जाता है। यह प्रक्रिया मुंबई नगर निगम अधिनियम (MMC Act) की धारा 37 के तहत होती है। अधिनियम के अनुसार, मेयर पद का आरक्षण अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला और पिछड़ा वर्ग जैसी श्रेणियों के लिए रोटेशन के आधार पर तय किया जाता है।
मुंबई का मेयर पद मुख्य रूप से औपचारिक और प्रतीकात्मक माना जाता है। 227 नगरसेवकों द्वारा चुना गया मेयर ‘शहर का प्रथम नागरिक’ होता है और बीएमसी की बैठकों की अध्यक्षता करता है। हालांकि, वास्तविक प्रशासनिक और कार्यकारी शक्तियां बीएमसी आयुक्त के पास होती हैं, जो एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी होता है। प्रजा फाउंडेशन की 2024 की अर्बन गवर्नेंस इंडेक्स रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र के मेयर देश के सबसे कम सशक्त मेयरों में शामिल हैं। रिपोर्ट में ‘सशक्त मेयर’ के पैमाने पर महाराष्ट्र के मेयरों को 25 में से शून्य अंक दिए गए हैं।
मेयर नगरसेवकों की बैठकों का संचालन करता है और सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाता है। इसके अलावा, शहर के प्रथम नागरिक के रूप में मेयर विदेशी मेहमानों, वीवीआईपी और प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत करता है और बीएमसी व मुंबई का चेहरा होता है। चार साल बाद होने जा रही यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि लंबे अंतराल के बाद चुने गए जनप्रतिनिधि एक बार फिर नगर निगम की औपचारिक कार्यवाही में शामिल होंगे।