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Mumbai News: विवाह से पहले बनी मां ने मासूम को भेजा अनाथालय, अब बच्चे के लिए खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

मार्च 2022 में दीवानी अदालत ने मलाड दंपती की लड़के के ग्रहणीय माता-पिता घोषित करने की याचिका को खारिज कर दिया था। मां ने तब कोर्ट को बताया था कि उसका पति और वह अपने बेटे को वापस चाहते हैं। मां ने कहा कि कोर्ट के शासनादेश के बाद भी उन्हें अपने बच्चे की कस्टडी कभी नहीं मिली है।

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Aug 21, 2022
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Court

मुंबई में साल 2021 में 25 साल की अव‍िवाह‍ित मां ने अपने बेटे को अनाथालय भेज दिया था। अब उस महिला की शादी हो चुकी है। शादी करने के बाद मह‍िला जब अपने बच्‍चे को वापस पाना चाहती है तो पूरा मामला तस्करी से जुड़ गया है। महिला को अपने एक साल के बच्‍चे की कस्‍टडी के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। गोद लेने में मदद करने वालीं जूलिया फर्नाडीज को इस महीने की शुरुआत में एक कथित सहयोगी शबाना शेख के साथ एक नवजात लड़की को साढ़े चार लाख रुपए में बेचने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

मुंबई से सटे उल्हासनगर की महिला ने अपने बेटे को फर्नाडीज से ले गए मलाड दंपत्ति से वापस पाने के लिए पिछले हफ्ते सिविल अदालत का रूख किया था। एडिथ डे और मिखाइल डे के माध्यम से प्रस्तुत एक याचिका में मां ने कोर्ट से बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के डीसीपी, एसीपी और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को निर्देश देने की मांग की है। जिससे वह अपने बच्चे को उत्तरदाताओं से बरामद करने में मदद कर सके। यह भी पढ़ें: Maharashtra: शेल्टर होम में रह रहीं मानसिक रूप से कमजोर लड़कियां बना रही हैं गणपति की मूर्तियां

बता दें कि इस मामले में अब 24 अगस्त को सुनवाई होगी। मां ने बताय कि व्यक्तिगत और वित्तीय परेशानियों की वजह से वह बच्चे को पालने में समर्थ नहीं थी और उसे जूलिया फर्नाडीज से संपर्क करने की सलाह दी गई थी। इसके बाद जूलिया फर्नाडीज ने महिला को बताया कि उसका एक एनजीओ है और ये एनजीओ उस बच्चे की देखभाल में तब तक मदद करेगी जब तक सभी चीजें ठीक नहीं हो जातीं और जब तक वह बच्चे को वापस लेने की स्थिति में नहीं आ जाती। मां ने कहा कि जूलिया फर्नाडीज ने बच्चे को गोद लेने में मदद की और उसे बताया कि बच्चे को गोद लेने लेने वाली दंपति अमीर थी और बच्चे की अच्छी तरह से देखभाल होगा।

इसके बाद मार्च 2022 में दीवानी कोर्ट ने मलाड दंपती को लड़के के दत्तक माता-पिता घोषित करने की याचिका को खारिज कर दिया था। मां ने तब कोर्ट को बताया था कि उसका पति और वह अपने बेटे को वापस चाहते हैं। इस दौरान मां ने कहा कि कोर्ट के आदेशों के बावजूद उन्हें अपने बच्चे की कस्टडी कभी नहीं मिली है। मां ने कहा कि उसके पति और उसने कई बार जूलिया के माध्यम से युगल से संपर्क करने का प्रयास किया। लेकिन वह बहाना बनाकर बात को ताल देती थी और बाद में पुलिस में शिकायत करने की धमकी देने लगी।

महिला ने कहा कि उसने अपने बच्चे को पाने के लिए बांगुर नगर पुलिस से संपर्क किया। इस दौरान मां ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने ऐसा करने से मना कर दिया क्योंकि कोर्ट का कोई आदेश नहीं था जो उन्हें बच्चे को बरामद करने में मदद करने का आदेश दे।

Published on:
21 Aug 2022 03:49 pm