
महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) के नागपुर विभागीय स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी की जीत के बाद मतगणना केंद्र के बाहर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। आधी रात के बाद नतीजे घोषित होने के बाद मानकापुर इंडोर स्टेडियम के बाहर तनाव की स्थिति बन गई। दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
इस चुनाव में अभिजीत वंजारी ने भाजपा के उम्मीदवार सुधाकर कोहाले को 3,271 मतों से हराकर नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट बरकरार रखी। मतगणना मंगलवार सुबह शुरू हुई थी और 40 घंटे से अधिक समय तक चली। हालांकि, परिणाम सामने आते ही मतगणना केंद्र के बाहर भारी हंगामा देखने को मिला। लेकिन पुलिस फोर्स की तैनाती के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं हुई।
चुनाव परिणाम आने के बाद मतगणना केंद्र के बाहर दोनों दलों के समर्थकों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिसके बाद वहां तनाव की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश की।
एक भाजपा कार्यकर्ता ने कहा, "अगर वे (कांग्रेस) देश के प्रधानमंत्री या महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा या अपमानजनक टिप्पणियों का इस्तेमाल करेंगे, तो हम इसे एक कार्यकर्ता के नाते कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) में करारा जवाब देने की पूरी क्षमता है। उन्हें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के संवैधानिक पदों की गरिमा बनाए रखनी चाहिए, वरना BJYM अपनी शैली में जवाब देगा।"
दूसरी तरफ, उत्साहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं का रुख भी आक्रामक दिखा। एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने कहा, "2029 के आगामी चुनावों में इस देश की 'जेन-जी' (युवा पीढ़ी) ही भाजपा को पूरे देश से उखाड़ फेंकने का काम करेगी।"
नागपुर प्रभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी को पहली और दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती के बाद कुल 67,231 वोट मिले। भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहाले को 63,960 वोट हासिल हुए। इस तरह वंजारी ने 3,271 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
नागपुर को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। यही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय भी मौजूद है। ऐसे में यहां कांग्रेस उम्मीदवार की जीत को राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
जीत के बाद अभिजीत वंजारी ने कहा कि भाजपा ने चुनाव में अपनी पूरी ताकत लगा दी थी और पार्टी के सभी प्रमुख नेता नागपुर में प्रचार के लिए मौजूद थे। इसके बावजूद मतदाताओं ने उनका समर्थन किया। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "भाजपा ने इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। उनके तमाम बड़े नेता नागपुर में डेरा डाले हुए थे, लेकिन जनता और मतदाता हमारे साथ मजबूती से खड़े रहे। हमारी पार्टी एकजुट रही और महाविकास आघाड़ी (MVA) के सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने एक साथ मिलकर लड़ाई लड़ी। इस चुनाव में 48 अलग-अलग संगठनों ने मुझे अपना समर्थन दिया था, और यह ऐतिहासिक जीत उन्हीं संगठनों के निष्ठावान कार्यकर्ताओं और नेताओं की जीत है।"