
भाजपा नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा को एक बार फिर से बलात्कार और हत्या की धमकी मिली है। यह धमकी स्पीड पोस्ट के जरिए उनके अमरावती स्थित कार्यालय में भेजे गए पत्र के माध्यम से दी गई। पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, अमरावती क्राइम ब्रांच की एक टीम नवनीत राणा के घर पहुंची है और पूरे मामले की जानकारी ली। यह पत्र हैदराबाद से स्पीड पोस्ट द्वारा भेजा गया था। पोस्ट भेजने वाले व्यक्ति का नाम जावेद बताया गया है।
नवनीत राणा के पीए मंगेश कोकाटे ने इस मामले में अमरावती के राजापेठ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस धमकी वाले पत्र के पीछे कौन है और उसका मकसद क्या था।
पत्र में आरोपी ने न केवल नवनीत राणा को जान से मारने की धमकी दी है, बल्कि उनके बच्चों के सामने सामूहिक बलात्कार करने की भी धमकी दी है। इसके अलावा, गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई है। पुलिस अब हैदराबाद से भेजे गए डाक से जुड़े सबूतों की जांच कर रही है। अमरावती और हैदराबाद पुलिस की टीमें इस मामले की संयुक्त जांच कर रही हैं।
यह पहली बार नहीं है जब भाजपा नेता नवनीत राणा को ऐसी धमकी मिली है। इसी साल मई महीने में ही पूर्व सांसद राणा को पाकिस्तान से जान से मारने की धमकी मिली थी। यह धमकी पाकिस्तान के अलग-अलग फोन नंबरों से दी गई है। इसकी शिकायत उन्होंने मुंबई के खार पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी। इससे पहले 12 अक्टूबर 2023 को भी उन्हें इसी तरह का एक धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ था। उस पत्र में न केवल सामूहिक बलात्कार की धमकी दी गई थी, बल्कि उनके घर के सामने गाय काटने की बात भी लिखी गई थी। पत्र भेजने वाले ने खुद को आमिर बताया था और 10 करोड़ रुपये की फिरौती भी मांगी थी। पत्र में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ भी लिखा था।
नवनीत राणा राजनीति में आने से पहले फिल्म अभिनेत्री रह चुकी हैं। उन्होंने हिंदी, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और पंजाबी फिल्मों में काम किया है। 2014 में उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के टिकट पर अमरावती से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत नहीं सकीं।
2019 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और शिवसेना के आनंद अडसूल को हराकर सांसद बनीं। बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस के बलवंत वानखेडे के हाथों 19 हजार से ज्यादा वोटों से हार का सामना करना पड़ा।