मुंबई

TC नहीं अब अफसर होंगे स्वप्निल कुसाले, रेलवे देगी प्रमोशन, महाराष्ट्र सरकार से मिलेगा 1 करोड़ का इनाम

Paris Olympics : शूटर स्वप्निल कुसाले ने पुरुषों के 50 मीटर राइफल 3 पोज़िशन्स इवेंट में कांस्य पदक जीता है।

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Aug 01, 2024

Who is Swapnil Kusale : महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के एक छोटे से गांव से नाता रखने वाले शूटर स्वप्निल कुसाले ने पेरिस ओलंपिक्स में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर देश का नाम रोशन किया है। 28 वर्षीय स्वप्निल ने अपने पहले ही ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने का कारनामा कर दिखाया है। स्वप्निल ने गुरुवार को पेरिस ओलंपिक्स में पुरुष 50-मीटर राइफल 3 पोज़िशन्स इवेंट में कांस्य पदक जीता। वह इस श्रेणी में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।

भारतीय शूटर स्वप्निल कुसाले ने पेरिस ओलंपिक्स में भारत का तीसरा कांस्य पदक जीता है। 50 मीटर राइफल 3 पोज़िशन्स इवेंट में पहली बार किसी भारतीय शूटर ने ओलंपिक पदक जीता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वप्निल कुसाले को कांस्य पदक जीतने पर बधाई दी है।

72 साल बाद महाराष्ट्र की झोली में पदक

महाराष्ट्र सरकार ने स्वप्निल कुसाले को एक करोड़ का इनाम देने की घोषणा की है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने निशानेबाज स्वप्निल कुसाले को बधाई दी है। सीएम शिंदे ने उनके परिवार से फोन पर बात की और खुशी जताई। महाराष्ट्र के किसी व्यक्ति ने 72 वर्ष बाद व्यक्तिगत रूप से ओलंपिक में कोई पदक जीता है।

रेलवे देगी प्रमोशन और नकद इनाम

निशानेबाज स्वप्निल कुसाले वर्तमान में मध्य रेलवे के पुणे डिवीजन में टीसी के पद पर कार्यरत हैं। इसलिए यह मध्य रेलवे के लिए गौरव की बात है। मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राम करण यादव ने घोषणा की कि स्वप्निल को पेरिस से भारत आने पर भारतीय रेलवे द्वारा उचित सम्मान दिया जाएगा और तुरंत उन्हें अधिकारी के रूप में पदोन्नत किया जाएगा। रेल मंत्री स्वप्नील के लिए नकद इनाम की भी घोषणा करेंगे।  

धोनी को मानते है आदर्श

पेरिस ओलंपिक्स में भारत के लिए तीसरा पदक जीतने वाले स्वप्निल कुसाले महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के राधानगरी के कांबलवाडी गांव से हैं। स्वप्निल 2012 से अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वह साल 2015 से मध्य रेलवे में टीटी के तौर पर कार्यरत है। पेरिस ओलंपिक उनका पहला ओलंपिक डेब्यू था। ओलंपिक पदक विजेता स्वप्निल एमएस धोनी को अपना आदर्श मानते हैं।

10 साल से घर से बाहर है स्वप्निल

स्वप्निल के पिता ने कोल्हापुर में पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि स्वप्निल पिछले दस बारह साल से घर से बाहर ही है और अपनी निशानेबाजी पर फोकस कर रहा है। वहीँ, स्वप्निल की मां ने बताया कि वह सांगली में पब्लिक स्कूल में था जब निशानेबाजी में उसकी रूचि जगी। बाद में वह ट्रेनिंग के लिये नासिक चला गया।

Published on:
01 Aug 2024 09:19 pm
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