महाराष्ट्र में सियासी संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। इस बीच महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने शिवसेना (ठाकरे गुट) सांसद संजय राउत को चेतावनी देते हुए कहा कि संजय राउत ऐसी भाषा का उपयोग ना करें जिससे कानून-व्यवस्था खराब हो वरना उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर रोक लगाई जाएगी।
महाराष्ट्र में सियासी संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। इस बीच महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने शिवसेना (ठाकरे गुट) सांसद संजय राउत को लेकर बड़ा बयान दिया हैं। चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि संजय राउत जो जेल में तीन महीने गुजारकर आए हैं इसीलिए वे वहां से सांड़, भैंसे, मर्दानगी जैसे शब्द सीख कर आए हैं। इस प्रकार की भाषा कैदियों की ही होती है। महाराष्ट्र की जनता यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। संजय राउत ऐसे शब्दों का उपयोग ना करें। वरना संयम टूटा तो प्रेस कॉन्फ्रेंस नही करने देंगे। अगर महाराष्ट्र के हित के लिए सुझाव देना है तो दें, लेकिन इस तरह की भाषा का बिल्कुल भी उपयोग ना करें।
महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद की पृष्ठभूमि में शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने शिंदे-फडणवीस सरकार को नामर्द सरकार बताया था। उन्होंने कहा था कि कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई लगातार धमकी भरे बयान दे रहे हैं। महाराष्ट्र के गांवों को अपने राज्य में मिलाने की बात कर रहे हैं। कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई को उन्हीं के शब्दों में जवाब देना जरूरी हैं। हालात बिगड़े तो जिम्मेदारी सेंट्रल गवर्नमेंट की होगी। यह भी पढ़े: मुंबई में खिलौने वाली बंदूक दिखाकर लूटे 10 लाख के गहने, ऐसे दिया घटना को अंजाम
बता दे कि इसके जवाब में महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि महाराष्ट्र के लोगों की भाषा के चलते दोनों तरफ से माहौल खराब होता है। संजय राउत ऐसी भाषा बोल कर राज्य की कानून व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास बिल्कुल ना करें। कोई भी अनुचित घटना देश या महाराष्ट्र के लिए ठीक नहीं है। महाराष्ट्र के दोनों मंत्री कर्नाटक के बेलगाम दौरे पर नहीं गए, इसका मतलब यह नहीं कि सरकार अयोग्य है, उसमें धमक नहीं। ऐसी भाषा संजय राउत को नहीं शोभा देती है। ढाई साल तक आपकी (MVA) सरकार थी, क्यों नहीं सीमा विवाद हल कर लिया?
ये पूरा मामला कोर्ट में है ऐसे में कानून व्यवस्था खराब हो रही है। ऐसे में हमारा अनुरोध है कि जल्द से जल्द इस मामले में सुनवाई हो और इसका कोई रास्ता जल्दी निकले। मैं सभी नेताओं से अपील करता हूं कि इस तरह की बयानबाजी नहीं करें, जिससे कानून व्यवस्था खराब हो।
चंद्रशेखर बावनकुले ने आगे कहा कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है। ऐसे में जनता को उकसाना ठीक नहीं है। उन्होंने शिवसेना (ठाकरे गुट) पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार ने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में होने वाली जी 20 की बैठक में इन्हें बुलाया गया था, लेकिन वे नहीं गए, ढाई साल में पीएम मोदी ने इस सम्मेलन के लिए कॉल किया लेकिन इन्होंने कॉल तक नहीं उठाया। ये घर में थे, इसकी वजह से केंद्र सरकार की कई योजनाएं वापस गईं।
जी 20 के प्रोग्राम में आने के लिए निमंत्रण दिया गया लेकिन उद्धव ठाकरे नही गए। उस बैठक में आप विकास की अपनी बातें रख सकते थे। जनता सब देख रही है। महाराष्ट्र की जनता से अजित पवार और उद्धव ठाकरे को माफी मांगनी चाहिए क्योंकि उन्होंने महाराष्ट्र के विकास में किसी प्रकार का कोई सहयोग नहीं किया।