
मुंबई महानगरपालिका अधिनियम में संशोधन कर स्टाम्प ड्यूटी में वृद्धि वाला बिल मंगलवार को विधानसभा में भारी हंगामे के बीच बिना चर्चा के पास हो गया। इस बिल में मुंबईवासियों पर एक फीसदी स्टाम्प ड्यूटी का बोझ बढ़ा दिया गया है। जिससे अब लोगों को घर खरीदना काफी महंगा होगा। संशोधित कानून लागू होने से संपत्ति पर लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी छह फीसदी से बढ़कर सात फीसदी हो जाएगी। मुंबई महानगरपालिका कानून 2018 में रियल इस्टेट के संदर्भ में स्टाम्प ड्यूटी की दर तय करने के लिए दूसरी बार फेरबदल किया गया है।
मुंबई शहर में पिछले कुछ वर्षों से यातयात कि समस्या लगातार बढ़ रही है। जिसे देखते हुए सरकार ने मेट्रो, मोनो, सी-लिंक जैसे कई महत्वपूर्ण यातयात परियोजना को शुरू किया है। इससे सरकार पर अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ गया है। ऐसे में आमदनी के लिए सरकार ने यह कर बढ़ाया है। स्टाम्प ड्यूटी में बढ़ोतरी से एकत्रित रकम इन विकास परियोजनाओं पर खर्च की जाएगी। देश के अन्य राज्यों में स्टाम्प ड्यूटी की दर 3 से 10 फीसदी है। प्रत्येक राज्य कितनी स्टाम्प ड्यूटी वसूलेगा, इस बारे में अंतिम निर्णय राज्य ही लेता है। मुंबई शहर के तेजी से होने वाले विकास और आबादी को देखते हुए यातायात की गंभीर समस्या उपस्थित हो गई है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए यातयात विकास का काम तेजी से किया जा रहा है। ऐसे में महानगर पालिका के पास पर्याप्त रकम उपलब्ध रहे, इस उद्देश्य से मुंबई मनपा क्षेत्र में संपत्ति की बिकी या खरीदी, दान व उपभाग करने पर स्टाम्प ड्यूटी पर अधिभार वसूल करने के विधेयक को पारित किया गया है।