महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के करमाला में 'टीचर्स टॉक' पहल शुरू की गई है। जिसमें वहां के टीचर अलग-अलग मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं। इस पहल के माध्यम से बच्चों को मोटिवेट किया जा रहा है।
महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के करमाला में 'टीचर्स टॉक' पहल की शुरूआत की गई है। जिसमें वहां के टीचर अलग-अलग मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं। जो शिक्षा के क्षेत्र में नवीनतम रुझानों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर बात करते हैं। दरअसल टेड टॉक्स और जोश टॉक्स की तर्ज पर की गई पहल को करमाला तहसील में पंचायत समिति द्वारा शुरू किया गया है। बच्चों को मोटिवेट करने की जिम्मेदारी टीचर्स को दी गई है। वे क्लासरूम में बच्चों के लिए मोटिवेशनल स्पीकर की भूमिका निभा रहे हैं। ‘टीचर्स टॉक’ के नाम से चलाई जा रही है इस पहल के जरिए उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में लेटेस्ट ट्रेंड्स और जानकारियों पर बोलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इस बारे में करमाला तहसील के प्रखंड विकास अधिकारी मनोज राउत ने बताया कि टेड टॉक्स और जोश टॉक्स की तर्ज पर हमने तहसील के प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों में टीचर्स टॉक शुरू करने का निर्णय लिया हैं। इसके तहत टीचर्स 15 से 20 मिनट के लिए शिक्षा और इससे जुड़े क्षेत्रों के लेटेस्ट टॉपिक्स के बारे में प्रेरक तरीके से बोल सकते हैं। यह भी पढ़े: Maharashtra News: राहुल गांधी की एक कॉल से खुश हुए संजय राउत, शिवसेना सांसद ने बताया क्या हुई बातचीत
तहसील में 17 केंद्रों पर वार्ता का आयोजन: बता दें कि मासिक शिक्षा सम्मेलनों के दौरान तहसील में 17 केंद्रों पर वार्ता आयोजित की जाती है। इन केंद्रों से जुड़े स्कूलों के टीचर सर्वोत्तम प्रथाओं और उनके द्वारा सामना किए जाने वाले अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मिलते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक इस तरह की दो वार्ताओं का आयोजन किया जा चुका है और कई टीचर्स ने इसमें भाग लिया। यह बात सरकारी स्कूलों के टीचर्स तक ही सीमित नहीं है। इसमें प्राइवेट, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त इंस्टीटूट्स के टीचर भी हिस्सा ले सकते हैं।
किन टॉपिक्स पर मोटिवेट करेंगे टीचर्स: मनोज राउत ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य टीचर्स को व्यावहारिक, जिज्ञासु होने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें एजुकेशन एवं इससे जुड़े क्षेत्रों में वैश्विक रुझानों और घटनाक्रम के बारे में जागरूक रखना और अन्य टीचर्स को प्रेरित करना है। मनोज राउत ने आगे बताया कि अधिकारियों ने अमेरिकी एजुकेशन सिस्टम, एजुकेशन के क्षेत्र में यूनिसेफ की भूमिका, आर्टिफिशियल, शिक्षा क्षेत्र में प्रयोग, बाल मनोविज्ञान और रोबोटिक्स जैसे 30 विषयों को मंथन के बाद चुना गया।
बता दें कि खतगांव के एक स्कूल के टीचर बालासाहेब बोडखे ने कहा कि उन्होंने खेल और इस क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता रखने वाले स्टूडेंट्स को प्रोत्साहित करने में शिक्षकों की भूमिका के बारे में बात की। बोडखे ने बताया कि टीचर्स टॉक के दौरान, मैंने एक खेतिहर मजदूर की बेटी का उदाहरण दिया, जिसने स्कूल में सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीता।