प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि लकड़ी से लदा ट्रक करीब 100 फीट दूर जाकर पलट गया। वहीं BMW कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरी।
महाराष्ट्र के लातूर जिले में एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना सामने आई है। लातूर-तुलजापुर हाईवे पर तीन वाहनों के बीच हुई इस भीषण भिड़ंत में चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना औसा के पास शनिवार देर रात में उस समय हुई जब सांगली जिले की पासिंग वाली एक तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू (BMW) कार ने आगे चल रहे लकड़ी से लदे ट्रक और एक कंटेनर को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि कार में सवार लोग लातूर में अपना काम खत्म करने के बाद शिवली इलाके में खाना खाकर औसा की ओर जा रहे थे। हाईवे पर एक होटल के पास कार चालक ने नियंत्रण खो दिया और यह भयानक हादसा हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वाहनों के बीच हुई यह टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि लकड़ी से भरा ट्रक सड़क से करीब 100 फीट दूर जाकर पलट गया। वहीं, बीएमडब्ल्यू कार के परखच्चे उड़ गए और वह सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सड़क पर खून बिखर गया था और कार में सवार चार लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल दो व्यक्तियों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस हादसे के कारण हाईवे पर काफी समय तक यातायात बाधित रहा और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हादसा केवल तेज रफ्तार की वजह से हुआ या वाहन में कोई तकनीकी खराबी आई थी।
नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग पर 2025 में सड़क हादसों और उनसे होने वाली मौतों में चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई है। महाराष्ट्र राजमार्ग पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल इस एक्सप्रेसवे पर कुल 185 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। यह आंकड़ा 2024 में हुई 137 दुर्घटनाओं की तुलना में करीब 35 प्रतिशत अधिक है।
नागपुर को मुंबई से जोड़ने वाले इस हाईस्पीड कॉरिडोर पर घातक हादसों की संख्या भी बढ़कर 128 हो गई, जबकि 2024 में ऐसे 96 मामले सामने आए थे। इसी तरह इन दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या 126 से बढ़कर 152 तक पहुंच गई, जो लगभग 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाती है।
आंकड़ों से यह भी सामने आया है कि गंभीर रूप से घायल होने वाले मामलों में भी बड़ी वृद्धि हुई है। गंभीर चोट का कारण बनने वाली दुर्घटनाएं 23 से बढ़कर 46 हो गईं, यानी इनकी संख्या लगभग दोगुनी हो गई। वहीं, ऐसे हादसों में गंभीर रूप से घायल लोगों की संख्या 50 से बढ़कर 140 तक पहुंच गई।
इन आंकड़ों ने समृद्धि महामार्ग पर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और संबंधित एजेंसियां अब दुर्घटनाओं के कारणों की जांच कर रही हैं और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने पर विचार किया जा रहा है।