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Jalgaon: रील बनाते-बनाते चलती ट्रेन के नीचे आए दो दोस्त, परिवार में मचा कोहराम

Maharashtra News: सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने की चाह में युवा अक्सर अपनी जान की परवाह नहीं करते और ऐसी भयावह दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं।
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Updated: 26 Oct 2025, 6:06 PM IST
jalgaon accident
चलती ट्रेन के सामने वीडियो शूट करते वक्त दो दोस्तों की दर्दनाक मौत (Photo: IANS/File)

सोशल मीडिया पर रील बनाने का चलन युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसी क्रेज ने एक बार फिर दो मासूमों की जान ले ली है। महाराष्ट्र के जलगांव जिले के पालधी रेलवे स्टेशन के पास सुबह दो दोस्तों की एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों युवक ट्रेन के सामने खतरनाक अंदाज में रील शूट कर रहे थे।

रील के शौक ने ली दो जिंदगियां

यह हादसा धरणगांव तालुका के पालधी-चांदसर रेलवे फाटक के पास हुआ। तेज रफ्तार अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस (Ahmedabad-Howrah Express) ने दोनों युवकों को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान प्रशांत पवन खैरनार (18) और हर्षवर्धन महेंद्र नन्नवरे (18) के रूप में हुई है। दोनों पालधी के महात्मा फुले नगर इलाके के रहने वाले थे और बचपन से अच्छे दोस्त थे। दोनों इलाके के ही एक स्कूल में पढ़ते थे।

दो दोस्तों की दर्दनाक मौत

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों मोबाइल पर वीडियो शूट करने में इतने मशगूल थे कि उन्हें ट्रेन के आने का आभास ही नहीं हुआ। जलगांव की ओर जा रही अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस की चपेट में आने से दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पालधी पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा की प्रक्रिया शुरू की। इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। दोनों के परिवारों में मातम पसर गया है।

रेलवे ने दी कार्रवाई की चेतावनी

हाल ही में पुरी में रेलवे ट्रैक के पास रील बनाते समय एक किशोर की मौत के बाद ईस्ट कोस्ट रेलवे (East Coast Railway) ने एक जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य खासकर युवाओं को यह समझाना है कि रेलवे परिसर में सेल्फी लेना, वीडियो रिकॉर्ड करना या रील बनाना कितना खतरनाक और गैरकानूनी है।

रेलवे ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति रेलवे ट्रैक पर या उसके पास, चलती ट्रेन के फुटबोर्ड या छत पर सेल्फी या वीडियो न बनाए। ऐसे खतरनाक कार्य न केवल जानलेवा हैं, बल्कि रेलवे अधिनियम, 1989 के तहत दंडनीय अपराध भी हैं।

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) को ऐसे मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी व्यक्ति चलती ट्रेन या ट्रैक के पास फोटो या वीडियो बनाते पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
26 Oct 2025, 6:06 PM IST
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