महाराष्ट्र में गर्मी ने मार्च की शुरुआत से ही तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मुंबई और उससे सटे जिलों में अगले दो दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके चलते लू जैसे हालात बन सकते हैं।
महाराष्ट्र में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले तीन-चार दिनों तक तापमान में यह बढ़ोतरी जारी रहने की संभावना है, जिससे मुंबई सहित कई जिलों में लू (Heatwave) जैसी स्थिति बन सकती है। बढ़ती तपिश को देखते हुए मौसम विभाग ने नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने और लू से बचने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मुंबई सहित कोंकण के तटीय इलाकों में गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों के लिए मौसम विभाग ने बुधवार को 'येलो अलर्ट' जारी किया है, जहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर पारा 37 डिग्री सेल्सियस के पार भी जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में भी इसी तरह की स्थिति रहने की संभावना है। ठाणे, पालघर के लिए गुरुवार को भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। डिग्री सेल्सियस
विदर्भ का क्षेत्र वर्तमान में राज्य में सबसे गर्म बना हुआ है, जहां नागपुर, अकोला और चंद्रपुर जैसे जिलों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से 41°C के बीच पहुंचने की उम्मीद है। पूर्वी महाराष्ट्र के इन हिस्सों में लू का प्रभाव सबसे अधिक रहने की आशंका जताई गई है। वहीं, मराठवाड़ा के छत्रपति संभाजीनगर, जालना, लातूर और नांदेड़ जैसे जिलों में भी स्थिति चिंताजनक है, जहां गर्म और शुष्क हवाओं के बीच पारा 36 डिग्री सेल्सियस से 40 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।
उत्तर महाराष्ट्र के नासिक, जलगांव और धुले में शुष्क हवाओं के कारण दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जिससे दोपहर के समय कड़ाके की धूप का सामना करना पड़ेगा।
पश्चिमी महाराष्ट्र के पुणे, सातारा, कोल्हापुर और सोलापुर जिलों में भी तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से 38 के बीच दर्ज किया जा सकता है। हालांकि यहां तटीय क्षेत्रों की तुलना में आर्द्रता कम रहेगी, लेकिन शुष्क गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है।