Maharashtra Plastic Ban : याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि सजावट के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले प्लास्टिक के फूलों की अधिकतम मोटाई 30 माइक्रोन होती है। इसलिए इसे बैन किया जाना चाहिए।
Single Use Plastic Ban : प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध से जुड़े एक मुकदमे की सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने बुधवार को केंद्र सरकार से पूछा कि प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची में प्लास्टिक के फूलों को क्यों शामिल नहीं किया गया। याचिकाकर्ता संगठन जीएफसीआइ ने अपील की है कि अदालत केंद्र को प्लास्टिक के फूलों का इस्तेमाल रोकने का निर्देश दे।
केंद्र सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे को पढने के बाद अदालत ने पूछा, क्या केंद्र सरकार को यकीन है कि प्लास्टिक के फूलों को रिसायकल किया जा सकता है? केंद्र सरकार की अधिसूचना का जिक्र कर अदालत ने पूछा कि ऐसे सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पाद, जिन्हें रिसाइकिल नहीं किया जा सकता, उनकी सूची बनाकर इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाए गए हैं? क्या प्लास्टिक के फूलों को इस सूची में शामिल नहीं किया जा सकता?
याचिका दाखिल करने वाले संगठन जीएफसीआई ने दावा किया है कि सजावट के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले प्लास्टिक के फूलों की अधिकतम मोटाई आमतौर पर 30 माइक्रोन होती है। जबकि केंद्र और महाराष्ट्र सरकार की ज्यादातर अधिसूचनाओं में 100 माइक्रोन से कम मोटाइ वाले सिंगल यूज प्लास्टिक के सामानों के उत्पादन, भंडारण, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसमें प्लास्टिक के फूलों का विशेष उल्लेख नहीं है।