
नई दिल्ली। अगर आपने कोरोना के दौर में मेडिकल इंश्योरेंस ( Medical Insurance ) से महरूम हैं और लेने के बारे में सोच रहे हैं और अगर है लेकिन इस्तेमाल नहीं किया है तो यह खबर दोनों कंडीशन में आपके लिए ही हैं। कोरोना का इलाज ( Coronavirus treatment ) कराने के बाद इंश्योर्ड मरीजों ( Insured Patient ) को भी अपनी जेब से भी भुगतान करना पड़ रहा है। इंश्योरेंस कंपनियां ( Insurance Companies ) क्लेम का सेटलमेंट के दौरान सिर्फ आधा ही भुगतान कर रही हैं। क्लेम और सेटलमेंट के बाद जितना भी बचा हुआ अमाउंट है उसे मरीजों को अपनी जेब से ही भुगतना पड़ रहा है।
क्लेम की औसत राशि
- कोविड-19 के लिए बीमा कंपनियों की औसत सेटलमेंट राशि 90 हजार 118 रुपए है।
- औसतन क्लेम राशि की बात करें तो 1.56 लाख रुपए है।
- सेटलमेंट की रकम बीमा कंपनी को देनी होती है।
- क्लेम का औसत बिल अस्पताल से मिलता है।
- अब क्लेम और सेटलमेंट के बीच अंतर मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
आंकड़ों में मामले, बिल और सेक्टलमेंट
- 9 जून तक कोविड के 11,405 मामलों में अस्पताल का करीबन 178 करोड़ रुपए का बिल बना।
- 58 करोड़ रुपए के 6,495 क्लेम का निपटारा हुआ।
- महाराष्ट्र में ही बीमा कंपनियों को 6,361 क्लेम मिला, 3,099 क्लेम का सेटलमेंट हुआ।
- 1,919 क्लेम के साथ दिल्ली दूसरे नंबर पर है, 1,407 क्लेम का सेटलमेंट हुआ।
आसानी से पेमेंट नहीं कर रही हैं बीमा कंपनियां
कोरोना वायरस की वजह से बीमा कंपनियों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा रहा है। जिसकी वजह से बीमारी के खर्च के लिए कंपनियां आसानी से क्लेम का पेमेंट नहीं कर रही हैं। अगर कोई मरीज भोपाल के हॉस्पिटल में एडमिट है और उसका एवरेज क्लेम साइज 2.29 लाख रुपए का है। बीमा कंपनियां उसे सिर्फ 50 फीसदी ही पेमेंट कर रही हैं।
विदेश से आया इकलौता बिल
- इस दौरान विदेश से एक बिल आया है।
- यह क्लेम स्विटजरलैंड के एक अस्पताल से आया है।
- इस मरीज का बिल 11.85 लाख रुपए है।
- पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तेलंगाना, उड़ीसा और झारखंड से मेडिकल क्लेम का ज्यादा बिल आ रहा है।