- दूध लेकर डेयरी पर देने गया था शख्स
मुजफ्फरनगर।मुजफ्फरनगर के कस्बा खतौली में शाम ढलते ही उस समय हड़कंप मच गया।जब बाइक सवार तीन हथियारबंद बदमाशों ने भरे बाजार में मुजफ्फरनगर दंगों में मारे गये शख्स के भार्इ की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी।जब तक लोग कुछ समझपाते बदमाश मौके से फरार हो गये।आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गये और घायल को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया।जहां डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी।हत्या का कारण पुरानी रंजिश बताया जा रहा है। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन में जुट गई है। वहीं चर्चा है कि आशिफ मुजफ्फरनगर दंगों का गवाह था।
डेयरी पर दूध देने जा रहा था शख्स
मामला थाना खतौली कोतवाली क्षेत्र का है। जहां एनएच-58 पर इंदिरा गांधी की मूर्ति के निकट एक दूध कारोबारी की बाइक सवार तीन बदमाशों ने उस समय गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। जब दूध कारोबारी अशफाक पुत्र अख्तर निवासी खेड़ी तगान गांव से दूध लेकर खतौली में एक डेयरी पर लेकर पहुंचा।और जैसे ही अशफाक ने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की तो पीछे से आए बाइक सवार तीन बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियों चला दी।इससे वह जमीन पर गिर गया।गोलियों की आवाज सुनकर लोगों को आता देख आरोपी बाइक सवार फरार हो गये।वहीं लोगों ने घायल को आनन-फानन में सीएचसी खतौली में भर्ती कराया।जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरा को भी खंगाल रही है।
भार्इ की मुजफ्फरनगर दंगों में हुर्इ थी हत्या
वहीं सूत्रों की मानें तो मृतक अशफाक के दो भाइयों शाहिद और नवाब की मुजफ्फरनगर में हुए 2013 में सांप्रदायिक दंगों के दौरान हत्या कर दी गर्इ थी। जो मामला कोर्ट में चल रहा है। बताया जा रहा है कि आशिफ गवाह भी था। हत्या का कारण इसी रंजिश को माना जा रहा है। हालांकि इसमें पुलिस छानबीन के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचने की बात कर रही है।