छात्रा के परिजनों ने जैन मुनि सहित पुलिस पर लगाए आरोप।
मुजफ्फरनगर/हरिद्वार। जैन मुनि उपाध्याय नयन सागर पर आरोपों के मामले में उस समय नया मोड़ आ गया, जब हरिद्वार के बहादराबाद थाने पहुंची छात्रा ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि उसका किसी ने अपहरण नहीं किया था। वह खुद अपनी मर्जी से गर्इ थी। इसके साथ ही छात्रा ने अपने परिजनों, जैन मुनि व समाज के लोगों से अपनी जान को खतरा भी बताया है। वहीं छात्रा के चाचा मधुकर जैन ने थाना पुलिस पर नाराजगी जताते हुए मीडिया के सामने बताया कि पुलिस ने लड़की कहीं से बरामद नहीं किया, बल्कि लड़की इन लोगों के पास मौजूद थी। उन्होंने बताया कि मामले में जांच अधिकारी एसआई अजय सिंह का उनके पास फोन आया था कि हमने लड़की बरामद कर ली है। साथ ही कोर्ट में उसके 164 के बयान कराके उसे हरिद्वार में छोड़ दिया है, जबकि हमें लड़की के बरामद होने की पहले कोई सूचना नहीं दी गई।
पुलिस का है ये कहना
मामले में जानकारी देते हुए बहादराबाद थाने के प्रभारी निरीक्षक मनोहर भंडारी ने बताया कि दोपहर बाद छात्रा अचानक थाने पहुंची। उसने पुलिस के सामने बाकायदा बयान दिया कि 'न तो उसका अपहरण हुआ है और न ही वह किसी के दबाव में फरार हुई है, बल्कि वह अपनी मर्जी से गई थी। छात्रा ने अपने पिता और आरोपित जैन मुनि नयन सागर के साथ ही जैन समाज के कुछ लोगों से भी खुद की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की। थाना प्रभारी मनोहर भंडारी ने बताया कि पुलिस ने छात्रा के मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए और उसकी बात चाचा से भी कराई। चाचा से बातचीत में भी छात्रा ने वही सब दोहराया और इतना और जोड़ा कि वह वक्त आने पर घर लौट आएगी। पुलिस का दावा है कि छात्रा ने यह नहीं बताया कि वह इतने दिन कहां रही और अब कहां जा रही है। इसके बाद वह चली गई। छात्रा के थाने में पहुंचने और बयान देने के मामले को छात्रा के चाचा ने साजिश करार दिया है। साथ पुलिस पर जैन मुनि से मिले होने का आरोप भी लगाया है।
युवती के चाचा ने प्रशासन पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप भी लगाया है। इससे उन्हें लड़की के दोबारा अपहरण होने का खतरा है। इसके अलावा लड़की के परिजनों के साथ मौजूद राजेंद्र जैन ने बताया कि हमें मालूम हुआ कि लड़की बरामद हो गई है और पुलिस ने उसे बयान कराके छोड़ दिया है, लेकिन लड़की के बरामद होते ही उन्होंने लड़की के मां-बाप या किसी रिश्तेदार या समाज के किसी व्यक्ति को मामले की सूचना नहीं दी और सीधे कोर्ट में बयान कराके उसे छोड़ दिया। उसके बाद परिजनों को बताया। हमें इस बात का डर है कि उसे डरा धमका कर बयान कराए गए हैं यह तो अन्याय है, पूरी तरह से समाज के साथ धोखा है और हमारी बिटिया को मारने की साजिश है।
देखें वीडियो-जैन मुनि मामले में नया मोड़
ये है मामला
दरअसल दिनांक 31 जुलाई 2018 को मुजफ्फरनगर के कस्बा खतौली निवासी सुनील कुमार जैन पुत्र नरेंद्र कुमार जैन ने जैन मुनि नयन सागर के खिलाफ उत्तराखंड जनपद हरिद्वार के थाना बहादराबाद में अपनी पुत्री के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद इस मामले में 3 जुलाई को उस समय नया मोड़ आ गया जब कथित अपह्रत छात्रा ने स्वयं हरिद्वार के बहादरबाद थाने में पहुंचकर सबको चौंका दिया। पुलिस ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में छात्रा के बयान दर्ज कराने के बाद उसे छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि मजिस्ट्रेट के सामने छात्रा ने पुलिस को बयान दिया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था। वह अपनी मर्जी से गई थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक छात्रा ने जैन मुनि नयन सागर से जुड़े जैन समाज के कुछ लोगों और अपने परिजनों से खुद की जान को खतरा बताया है।