मुजफ्फरनगर

अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में बड़ा घोटाला: 10 बड़े नामी कॉलेज ने किया 46 लाख का गबन, अब गिरेगी गाज

मुजफ्फरनगर में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में 46.36 लाख रुपये का घोटाला उजागर। 10 बड़े शिक्षण संस्थानों पर अपात्र छात्रों के नाम पर सरकारी धन हड़पने का आरोप है।

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मुजफ्फरनगर में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। PC: AI

मुजफ्फरनगर में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला उजागर हुआ है। वर्ष 2021-22 के दौरान जिले के 10 प्रमुख शिक्षण संस्थानों पर करीब 46.36 लाख रुपये की छात्रवृत्ति राशि गबन करने का आरोप है। इसमें आईटीआई, मदरसे, गुरुकुल, इंटर कॉलेज और डिग्री कॉलेज जैसे संस्थान शामिल हैं।

सरकार के निर्देश पर हुई जांच

जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के वरिष्ठ सहायक अजलान शाह ने थाना सिविल लाइन में इन संस्थानों के आईएनओ और एचओआई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। यह कार्रवाई भारत सरकार के निर्देश पर की गई जांच के बाद संभव हुई। जांच के लिए गठित खंड शिक्षा अधिकारियों की टीम ने जनपद के 17 शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण किया।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मैत्री रस्तोगी के मुताबिक, जांच में कई चौंकाने वाली अनियमितताएं मिलीं। छात्रवृत्ति सूची में 336 ऐसे छात्रों के नाम दर्ज थे, जो मौके पर मौजूद ही नहीं थे। कुछ संस्थानों में सूची में दर्ज कोर्स भी संचालित नहीं हो रहे थे।

इन संस्‍थानों के नाम आए सामने

घोटाले में मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज, श्रीराम कॉलेज ऑफ फार्मेसी और इस्लामिया डिग्री कॉलेज जैसे नामी संस्थानों के नाम भी सामने आए हैं।मूलचंद इंटर कॉलेज की नीलम देवी, मेडिकल कॉलेज बेगराजपुर के शकील, रूबी देवी, श्री मंगल सिंह आईटीआई के अब्दुल रहीम, जितेंद्र सिंह, दयानंद गुरुकुल इंटर कॉलेज बिरालसी के आरिफ अली, अंजनी देवी, जयदेश, मदरस इस्लामिया अरबिया सिकंदरपुर के एलन, अंजनी देवी, इस्लामिया डिग्री कॉलेज के मुबारिक, जयदेश, लॉर्ड महावीर कृष्णापुरी के मोहम्मद फैसल, गगन जैन, श्रीराम कॉलेज ऑफ फार्मेसी के मैराजुद्दीन, शिवानी देवी, जनता इंटर कॉलेज हरसौली में नूर निशां और राकेश शर्मा, केपीएस गर्ल्स कॉलेज ऑफ एजुकेशन अलीपुर कलां इशाक अली, जयदेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी

इन पर अपात्र छात्रों के नाम पर सरकारी धन हड़पने का आरोप है। जांच टीम ने स्पष्ट किया कि यह गड़बड़ी सुनियोजित तरीके से की गई, जिसका मकसद छात्रवृत्ति की राशि का अनुचित लाभ उठाना था। इस खुलासे से जिले के शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। प्रशासन और पुलिस अब मिलकर दोषियों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि घोटाले में शामिल सभी लोगों से हड़पी गई राशि वसूली जाएगी और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Published on:
14 Aug 2025 03:52 pm
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