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बेटियों ने खीर में मिलाई नशे की गोलियां, फिर सब्जी वाले चाकू से पिता को काट डाला

UP News: मुजफ्फरनगर से एक बेहद चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। यहां दो सगी बहनों ने मिलकर अपने पिता को बड़ी निर्ममता से मौत के घाट उतार दिया...

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प्रतीकात्मक तस्वीर - एआइ

UP News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक खूनी वारदात सामने आई है। यहां दो सगी बहनों ने मिलकर अपने ही पिता को बेरहमी से मार डाला। मामला मोरना इलाके का है। यहां बंदिशों और शादी न होने से नाराज बेटियों ने आधी रात को सोते समय पिता पर चाकुओं से हमला कर दिया।मृतक की पहचान रामप्रसाद के रूप में हुई है। वह किसान थे।

खीर में दी नींद की गोलियां

पुलिस जांच में सामने आया है कि बेटियों ने हत्या से पहले पूरे परिवार को गहरी नींद में सुलाने का प्लान बनाया था। कोमल और उसकी नाबालिग बहन ने एक परिचित युवक के जरिए नींद की गोलियां मंगवाईं और उन्हें रात के खाने में 'नशीली खीर' बनाकर सबको खिला दिया और पूरे परिवार का सोने तक का इंतजार किया।

चौथे वार ने ले ली जान

जब मां और भाई गहरी नींद में सो गए तब तड़के करीब तीन बजे बेटियों ने पिता रामप्रसाद पर सब्जी काटने वाले चाकू से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। हमले से उनकी आंख खुल गई। उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए आखिरी पल तक संघर्ष किया, जिसमें हमलावर बेटियां भी जख्मी हो गईं। लेकिन दोनों बहनों के सिर पर खून सवार था। उन्होंने एक के बाद एक चार वार पिता को मार डाला। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए बेटियों ने शव को उठाकर मुख्य द्वार के पास रख दिया। ताकि यह किसी बाहरी व्यक्ति का हमला लगे।

कपड़े बदले और फिर सो गईं

हत्या करने के बाद बेटियों में जरा भी पछतावा नहीं था। उन्होंने सबसे पहले वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकुओं को धोया, अपने खून से सने कपड़े बदले और उन्हें छिपा दिया। इसके बाद वे ऐसे सो गईं जैसे कुछ हुआ ही न हो। सुबह होते ही दोनों बहनें अपनी मां से लिपटकर फूट-फूटकर रोने का नाटक करने लगीं ताकि गांव वालों को लगे कि हत्या किसी बाहरी ने की है।

एक चांटे की कसक ने बनाया 'कातिल'

पूछताछ में पता चला कि कोमल अपने पिता से इस कदर नफरत करती थी कि उसने घर में अपना चूल्हा तक अलग कर लिया था। करीब एक महीने पहले पिता ने उसे एक चांटा मार दिया था जिसे वह भूल नहीं पाई थी। पिता की रोक-टोक और भेदभाव से तंग आकर उसने अपनी कक्षा 11 में पढ़ने वाली छोटी बहन को भी इस खूनी साजिश में शामिल कर लिया। पुलिस ने महज दो घंटे की जांच में बेटियों के चेहरों से मासूमियत का नकाब उतार दिया।

नाली से पुलिस को हुआ शक

पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उन्हें घर में किसी बाहरी व्यक्ति के घुसने के कोई निशान नहीं मिले। एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि पुलिस को शक तब हुआ जब उन्होंने घर के हैंडपंप के पास वाली नाली में खून के धब्बे देखे। शक के आधार पर जब घर की गहन तलाशी ली गई तो भूसे के ढेर में एक कपड़े की पोटली मिली। इस पोटली के अंदर खून से सनी तीन चुनरियां, सलवार-कमीज और जूते छिपे हुए थे।

शादी से इनकार और भेदभाव बना वजह

गिरफ्तार की गई बड़ी बेटी कोमल (30 वर्ष) ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए। कोमल का कहना था कि उसकी दो बहनों की शादी हो चुकी है लेकिन पिता उसकी शादी नहीं कर रहे थे। वहीं छोटी बहन (जो नाबालिग है) ने आरोप लगाया कि पिता उस पर बहुत ज्यादा बंदिशें रखते थे और मोबाइल तक छूने नहीं देते थे। कोमल के मुताबिक पिता बेटे-बेटियों में भेदभाव करते थे और अक्सर उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार होता था।

पुलिस ने ऐसे किया बेनकाब

पुलिस को कोमल के गाल और हाथ पर चोट के निशान भी मिले जो संघर्ष के दौरान आए थे। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों बहनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए दो चाकू भी बरामद कर लिए गए हैं। अब उन दोनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने पूरे इलाके में बाप-बेटी के पवित्र रिश्ते पर सवाल खड़े कर दिए हैं।