भाजपा के बड़बोले विधायक विक्रम सैनी ने फिर दिया विवादित बयान
मुजफ्फरनगर. अपने विवादित बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले भाजपा विधायक विक्रम सिंह सैनी ने एक बार फिर मदरसों को लेकर विवादित बयान दिया है। विधायक विक्रम सिंह सैनी ने यह बयान सहारनपुर के देवबंद से पकड़े गए आतंकवादी को लेकर दिया है। भाजपा विधायक का कहना है कि शिक्षण संस्थान में बिना एडमिशन के अगर कोई आतंकवादी रह रहा है तो वह शिक्षण संस्थान भी जांच के दायरे में आना चाहिए। इसके साथ उन्होंने इस्लामिक संस्था दारुल उलूम देवबंद को भी कटघरे में खड़ा किया है। उनका कहना है कि मुजफ्फरनगर में एक 151 फीट तिरंगे के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देशद्रोहियों से निपटने को लेकर बयान दिया था, जिसके चलते दारुल उलूम देवबंद के मौलाना ने उन्हें यह कहकर अपमानित किया कि विक्रम सिंह सैनी कुछ भी बोल देते हैं। आज मैं मौलाना से पूछता हूं कि अब वह कहां हैं और आतंकवादी पकड़े जाने को लेकर क्यों नहीं बोल रहे हैं।
विक्रम सिंह सैनी ने कहा कि देवबंद में रेलवे की आरक्षण खिड़की को भी बंद कर देना चाहिए। क्योंकि वहां दारुल उलूम देवबंद के छात्र रेलवे के कर्मचारियों के साथ बदतमीजी करते हैं। साथ ही उन्होंने वहां के छात्रों को सांड की संज्ञा दे डाली। जब मीडिया इस विषय पर सवाल किया तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि वह अपनी ग्रामीण भाषा में हट्टे-कट्टे नौजवानों को सांड ही कहते हैं। उन्होंने सभी मदरसों की जांच करने की भी मांग उठाई है। इसके साथ उन्होंने कहा कि कुछ मदरसों में आतंकवादी बनते हैं। हालांकि यह बात सभी मदरसों के लिए कहना ठीक नहीं है, लेकिन कुछ हैं जो लोग इस तरह का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में दूसरा पाकिस्तान नहीं बनने दिया जाएगा।
गौरतलब है कि 3 दिन पहले विधायक विक्रम सैनी ने सभी सांसद और विधायकों को विकास कार्य न करके उन विकास कार्यों के पैसों के बदले हथियार खरीदने की सलाह दी थी। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि है मेरा विचार है कि विकास कार्य देश में बहुत हो चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुत विकास कार्य करा दिया है। अब पाकिस्तान से निपटने का वक्त है और 1 साल विकास कार्य न करके उन पैसों से हथियार खरीदकर पाकिस्तान को खत्म करने के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।