Highlights: -करीब एक घंटे के धरने के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा -व्यवसाई बोले- इस आदेश से भुखमरी की कगार पर पहुंचे
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एनजीटी द्वारा दीपावली पर पटाखे बेचने और जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस क्रम में जनपद मुजफ्फरनगर भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का हिस्सा होने के कारण पटाखों से वंचित रहेगा। वहीं प्रतिबंध लगने के बाद जनपद भर में पटाखा व्यवसायियों में रोष देखने को मिल रहा है। जिसके चलते मंगलवार को दर्जनों पटाखा व्यवसाई उत्तर प्रदेश सरकार में व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग में स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री और मुजफ्फरनगर की सदर सीट से विधायक कपिल देव अग्रवाल के आवास पर पहुंचे। हालांकि जब पटाखा व्यवसाई मंत्री के आवास पर पहुंचे, तब तक मंत्री कपिल देव एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने खतौली चले गए थे।
जिसके चलते पटाखा व्यवसाई मंत्री के घर के बाहर ही धरने पर बैठ गए और लगभग एक घंटे बाद जब मंत्री वापस लौटे तो उन्हें ज्ञापन सौंपा। जिसके बाद मंत्री ने ग्रीन पटाखों को लेकर जिला प्रशासन से फोन पर वार्तालाप की। मगर जानकारी मिली कि एनजीटी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सभी प्रकार के पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है। जिसके बाद मंत्री शासन से इस बाबत बात करने का आश्वासन दिया।
दरअसल, मंगलवार को मुज़फ्फरनगर में पश्चिमी क्षेत्र आतिशबाजी विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारी उत्तर प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल के गांधी नगर स्थित आवास पर पहुंचे। जहां उन्हें एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम राज्य मंत्री को प्रेषित करना था। लेकिन मंत्री एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने चले गए। जिसके चलते आतिशबाजी एसोसिएशन ने आक्रोश जाहिर करते हुए राज्य मंत्री के आवास के बाहर ही धरना पर बैठ गए।
उनका कहना था कि जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट व सरकार के नियम अनुसार ग्रीन पटाखे ही बेचने के लिए माल खरीदा उसके बावजूद भी सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया। जिससे व्यापारियों को करोड़ों के नुकसान होने की संभावना है। उनका कहना था कि उन्होंने पूरा टैक्स सरकार को देने के बाद ही पटाखों का माल खरीदा और अब सरकार ने पटाखों पर पूर्णता प्रतिबंध लगा दिया। इसीलिए पटाखा व्यापारी भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। लगभग 1 घंटे बाद मंत्री कपिल देव अग्रवाल वापस अपने घर पहुंचे। जिसके बाद पटाखा व्यवसायियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन मंत्री कपिल देव अग्रवाल को सौंपा।