पुलिस ने मृतक किसान की पत्नी की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मुजफ्फरनगर. कोतवाली बुढ़ाना क्षेत्र के गांव राजपुर गढ़ी में कर्ज में डूबे 60 वर्षीय बुजुर्ग किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जब जांच की तो शव के पास से पुलिस को 5 बड़े ही मार्मिक ढंग से लिखे सुसाइड नोट पड़े मिले, जिनमें मृतक किसान ने लिखा था कि बेची गई जमीन की बकाया धनराशि नहीं मिलने से आहत होकर आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त की है। परिजनों ने बताया कि रविन्द्र सिंह तंगी में चल रहा था, जिस कारण यह कदम उठाया है। पुलिस ने मृतक किसान की पत्नी की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
दरअसल, मामला बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव राजपुर गढ़ी का है। जहां कर्ज में डूबे एक 60 वर्षीय बुजुर्ग किसान रविन्द्र सिंह ने आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि किसान पर गांव के कुछ लोगों का कर्ज था। इसी कर्ज को उतारने के लिए उसने अपनी चार बीघा जमीन गांव के ही ब्रहमपाल को कुछ समय पूर्व बेची थी। किसान के परिजनों का आरोप है की गुरुवार को रविन्द्र जमीन की बकाया धनराशि लेने के लिए ब्रहमपाल के घर गया था। जहां ब्रहमपाल ने रविन्द्र के साथ मारपीट की और पैसे देने से मना कर दिया। इससे आहत होकर बुजुर्ग किसान रविन्द्र ने अपने घर आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। किसान ने मरने से पहले 5 सुसाइड नोट भी लिखे हैं। जिसमें मृतक ने सरकार को अपना बताया और योगी आदित्यनाथ को अपना गुरु बताया और अपनी 80 हजार में बेची गई 4 बीघा जमीन को वापस दिलाने की बात कही।
इतना ही नहीं ब्रहमपाल सहित दो अन्य लोगों को आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करना बताया। किसान ने अपने ऊपर गांव के लोगों का कर्ज उतारने के लिए अपनी 4 बीघा जमीन 2 लाख 40 हजार रुपये में ब्रहमपाल सिंह को बेची थी, लेकिन ब्रहमपाल सिंह ने 80 हजार रुपये ही दिए थे।ब्रहमपाल सिंह ने किसान से 1 महीने का टाइम बाकी पैसों के लिए रखा था, लेकिन समय बीतने के बाद भी जब किसान को पैसे नहीं मिले। इस कारण किसान ने इतना बड़ा कदम उठाया है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच हुआ है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सुसाइड नोटों को अपने कब्जे में लेकर पत्नी की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।