Highlights: -किसानों द्वारा फ्रेट कॉरिडोर से जुड़े अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया गया -किसानों का आरोप है कि उनकी समस्याओं का समाधान होता नजर नहीं आ रहा है -भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के कार्यकर्ताओं ने कॉरिडोर का काम बंद कराकर प्रदर्शन किया
मुजफ्फरनगर। जनपद में फ्रेट कॉरिडोर में अधिग्रहीत की गई भूमि को लेकर जिला प्रशासन व किसानों के बीच लगातार असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जहां किसानों द्वारा समय-समय पर प्रशासन और फ्रेट कॉरिडोर से जुड़े अधिकारियों पर किसानों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए धरने प्रदर्शन किए जा चुके हैं। किसानों का आरोप है कि इसके बावजूद किसानों की समस्याओं का समाधान होता नजर नहीं आ रहा है। जिसके चलते शुक्रवार को फिर भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के कार्यकर्ताओं ने खतौली में चल रहे फ्रंट कॉरिडोर का काम बंद कराकर जमकर धरना प्रदर्शन किया और फ्रंट कॉरिडोर के काम में लगे ठेकेदार के सभी वाहनों को अपने कब्जे में लेकर एक स्कूल में खड़ा कर दिया।
किसानों का कहना है कि जब तक उनकी समस्या का समाधान और उनका मुआवजा नहीं मिल जाता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन तोमर के ब्लॉक अध्यक्ष विशाल अहलावत का कहना था कि यह प्रदर्शन जो आरएनआर का जो नौकरी के साढ़े 5 लाख रुपये का अब तक अवार्ड नहीं हुआ वह अब से 3 साल पहले हो जाना चाहिए था। वह ना होने की वजह से प्रत्येक किसान को कम से कम 11 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है। उसके बारे में हम प्रशासन से कम से कम 20 बार मिल चुके हैं। प्रशासन हर बार एक हफ्ते का टाइम दे देता है। जब उससे हम परेशान हो गए तब आकर हमने हमें मशीन कब्जे में लेनी पड़ी। सारा काम बंद करवाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि जब तक एडीएम किसानों के उक्त मुआवजे का वितरण नहीं होता औऱ किसानों को पूर्ण भुगतान नहीं मिल जाता तब तक यह काम बंद रहेगा। अब से पहले भी कई बार लेकिन प्रशासन की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पहले भी किसान परेशान था। अब भी किसान परेशान हैं। किसान अब पूर्व प्रदर्शन करने पर मजबूर हो गया है और रणनीति यही रहेगी कि जो इनकी मशीन हैं उन्हें लेकर गांव में जाएंगे और जब तक यह काम बंद रहेगा जब तक किसान को उसका पूरा पैसा ब्याज सहित नहीं मिल जाता।