जर्मनी की शिक्षिका ने लिसाढ़ गांव निवासी मर्चेंट नेवी के इंजीनियर से शामली में हिंदू रीति-रिवाज से किया विवाह
शामली. कहते हैं जब प्यार होता है तो दूरी और मजहब कोई मायने नहीं रखता है। कुछ ऐसा हुआ जर्मनी की मारिया और शामली के अरविंद के साथ। जर्मनी में दोनों के दिल मिले तो युवती भी सच्चे प्यार को पाने की खातिर भारत चली आई और शामली में बर्लिन की मारिया हॉफमेन और लिसाढ़ निवासी मर्चेट नेवी के इंजीनियर अरविंद कुमार ने पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ राजमहल होटल में शादी रचा ली। इसके बाद दोनों परिजनों के साथ सोमवार को तहसील पहुंचे जहां कोर्ट मैरिज के लिए भी अर्जी दी।
दरअसल मर्चेंट नेवी में इंजीनियर अरविंद कुमार दो साल पहले विभागीय कार्य से जर्मन गए थे। जहां अरविंद और शिक्षिका मारिया की आंखें चार हुईं। इसके बाद दोनों के बीच हुई दोस्ती प्यार में बदल गई। इसके कुछ दिन बाद ही दोनों ने शादी का फैसला ले लिया। इधर अरविंद की पोस्टिंग मुंबई में हो गई। वहीं मरियम भी दो साल के वीजा पर मुंबई आ गई। एक सप्ताह पूर्व मरियम हॉफमेन के माता पिता और अन्य लोग शामली आए। यहां लिसाढ़ गांव में रहकर दीपावली का त्योहार मनाया और शादी की तारीख तय करके 21 अक्तूबर को शामली में कैराना रोड स्थित राजमहल होटल में हिंदू रीति-रिवाज से शादी रचाई। शादी समारोह में अरविंद के रिश्तेदारों के अलावा अन्य परिचित भी शामिल हुए।
शादी करने के बाद सोमवार को ये कपल कोर्ट मैरिज के आवेदन के लिए शामली तहसील पहुंचा। जहां बयान दर्ज कराने के साथ कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मरियम व परिवार मुंबई के लिए रवाना हो गया। अधिवक्ता सतेंद्र धीरयान ने बताया कि मुलाकात करने के बाद विवाह पंजीकरण कराया गया है। इस दौरान अरविंद मलिक और उसके पिता सोमपाल, मां मुनेश के अलावा मारिया के पिता जेन हॉफमेन और मां सिगरुन हॉफमेन भी मौजूद रहीं। यह भी बता दें कि अरविंद कुमार के पिता सोमपाल मलिक एयरफोर्स में हैं और इन दिनों वह दिल्ली में तैनात हैं।