मुजफ्फरनगर

होम्योपैथिक डाॅक्टर ने किया कोरोना वायरस की निःशुल्क दवा पिलाने का दावा, शहर में लगवाए पोस्टर

Highlights- मुजफ्फरनगर में कोरोना वायरस की निःशुल्क दवा पिलाने के पोस्टर लगाए गए - पोस्टर लगते ही स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप- सीएमओ बोले- जांच के बाद दावा करने वाले डाॅक्टर के खिलाफ होगी कार्रवाई
2 min read
muzaffarnagar.jpg

मुजफ्फरनगर. दुनियाभर में जहां कोरोना वायरस के इलाज के लिए वैज्ञानिक एंटी डाॅट की खोज कर रहे हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कोरोना की निःशुल्क दवा पिलाने के पोस्टर लगाए गए हैं। निःशुल्क दवा पिलाने वाले डाॅक्टर का दावा है कि उनके पास आसैनिक एल्बम नामक दवा है, जिसके सेवन से कोरोना वायरस से बचा जा सकता है। इस तरह के पोस्टर पूरे शहर में लगाए गए हैं। इन पोस्टर को लेकर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।

दरअसल, चीन के बाद भारत में भी कोरोना वायरस पैर पसार रहा है। देशभर में दो दर्जन से ज्यादा कोरोना पीड़ित मिले हैं। यही वजह है कि देशभर में कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है, क्योंकि अभी तक कोरोना वायरस की दवा नहीं बनी है। इसी कड़ी में मुजफ्फरनगर शहर में कोरोना की दवा के पोस्टर लगने से हड़कंप मच गया है। बता दें कि शहर में यह पोस्टर जिले के एक होम्योपैथिक डाॅ. राकेश कुमार शर्मा ने लगवाए हैं, जिनमें कोरोना की निशुल्क दवा पिलाने का दावा किया गया है।

सीएमओ बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई

उक्त पोस्टर को लेकर जिले के स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। इस संबंध में सीएमओ प्रवीण कुमार चोपड़ा का कहना है कि इस मामले की जांच के लिए जिला होम्योपैथिक अधिकारी को जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ का कहना है कह अभी तक कोरोना वायरस की किसी तरह की कोई दवा नहीं बनी है। उन्होंने कहा कि पोस्टर के जरिये लोगों में भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। जबकि अभी तक प्रदेश में भी अभी तक कोई कोरोना वायरस पॉजिटिव केस नहीं आया है।

होम्योपैथिक डाॅक्टर ने किया ये दावा

वहीं, कोरोना वायरस की निःशुल्क दवा पिलाने का दावा करने वाले होम्योपैथिक डाॅ. राकेश कुमार शर्मा का कहना है कि यह दवा एक प्रकार की प्रोफलाइटिक मेडिसन है, जो कोरोना से बचाव के लिए है। हम होम्योपैथी में सिमटम्स के आधार पर दवा का चयन करते हैं। अधिकतर सिमटम्स जिस दवा से मेल खाते हैं उसी दवा का इस्तेमाल किया जाता है। उनका दावा है कि आरसैनिक एल्बम नाम की दवा के सेवन से इस वायरस से बच सकते हैं।

यह भी पढ़ें- coronavirus स्कूलों के बाद सोसायटी में घरेलू कार्य करने वाले लोगों की भी छुट्टी

Published on:
04 Mar 2020 04:25 pm
Also Read
View All
‘जिंदगी खत्म करने का हक सिर्फ भगवान को है’, मुजफ्फरनगर में कोर्ट ने 2 हत्यारों को सुनाई फांसी की सजा, कहा- ऐसे खूंखार केस में नरमी बरती तो गलत संदेश जाएगा

Muzaffarnagar: पुलिस के हाथ से फिसला अशफाक! आवास पर दिनभर लटका मिला ताला,BJP की महिला नेता के धर्मांतरण का मामला

मौत बनकर दौड़ा ट्रक: दिल्ली-देहरादून हाईवे पर भीषण एक्सीडेंट, मासूम बच्चे समेत 3 की मौत से मचा कोहराम

‘काफिर का मतलब शत्रु’, प्रवीण तोगड़िया बोले- हिंदू खतरे में है, गाजियाबाद की घटना से सबक लेना जरूरी

मुजफ्फरनगर के सरकारी अस्पताल में इलाज के बदले मांगे गए ₹25000, पैसे नहीं देने पर डॉक्टर ने तोड़ा पैर, जांच का आदेश