कई दिनों से छापेमारी कर रही है बिहार से आई एसवीयू टीम
मुजफ्फरनगर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के निलंबित एसएसपी विवेक कुमार की संपत्ति खंगालने के लिए बिहार की एसवीयू टीम ने पांचवें दिन भी छापामारी जारी रखी। टीम ने आईपीएस अधिकारी के ससुर को साथ लेकर कई बैंकों के लॉकरों और घर की तलाशी ली।
बैंक ऑफ बड़ौदा और विजया बैंक के लॉकरों से लगभग बीस लाख रुपये के जेवर और 21 लाख रुपये की एफडी पकड़ी गई। इसके अलावा आईपीएस की सुसराल से डॉलर और पुरानी करेंसी भी पकड़ी गई। दरअसल आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में निलंबित आईपीएस अधिकारी विवेक कुमार के सहारनपुर के मूल निवास और मुजफ्फरनगर स्थित ससुराल में आईजी संजय रत्न के निर्देश पर एसवीयू की टीम छापामार कार्रवाई कर रही है।
यहां टीम का नेतृत्व कर रहे एसवीयू के डिप्टी एसपी बीके दास 15 सदस्यों को लेकर यहां जांच में जुटे हैं। शुक्रवार को बीके दास ने विवेक कुमार के ससुर वेद प्रकाश कर्णवाल को साथ लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा और विजया बैंक में पहुंचकर बैंक लॉकरों की तलाशी ली। बीके दास ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा के लॉकर में दस लाख की एफडी और 11 लाख के जेवर मिले जबकि विजया बैंक में दस लाख 75 हजार की एफडी और नौ लाख रुपये के जेवर मिले हैं। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर में अधिक संपत्ति बरामद हो रही है। आईपीएस के आर्यपुरी स्थित घर पर शुक्रवार को छापेमारी के दौरान अमरीका, मलेशिया और कनाडा के करीब पचास हजार डालर मिले हैं। साथ ही 22 हजार के पुराने नोट भी बरामद हुए हैं।
3 दिन में तीन करोड़ 69 लाख की संपत्ति बरामद
एसवीयू के डिप्टी एसपी बीके दास ने बताया कि लगातार तीन दिन तक चली छापेमारी में अब तक तीन करोड़ 69 लाख रुपये की नकदी व जेवर की रिकवरी की जा चुकी है। अभी टीम को मुजफ्फरनगर में ही रुकने के निर्देश मिले हैं। दास ने बताया कि 18 अप्रैल को भी कई बैंक खाते खंगाले गए। इस दौरान एक करोड़ 89 लाख की एफडी और 21 लाख 75 हजार रुपये नकद बरामद किए गए थे। 19 अप्रैल की छापेमारी में विजया बैंक के लॉकर से 35 लाख 97 हजार रुपये नकद मिले, जबकि इंडियन ओवरसीज बैंक में 43 लाख 59 हजार रुपये नकद, कैनरा बैंक के लॉकर में 29 लाख 38 हजार रुपये नकद और अन्य सामान व महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए।
रिश्तेदारों की भी की जा रही तलाशी
आईपीएस के परिवार, रिश्तेदारों और ससुराल वालों की खरीदारी पर टीम ने ब्यौरा जुटाना शुरू कर दिया है। टीम यह जुटा रही है कि सोने-चांदी के गहने कहां से खरीदे गए हैं। इनका भुगतान किस माध्यम से हुआ है।