भाजपा सांसद संजीव बालियान समेत आधा दर्जन भाजपा नेता कोर्ट में पेश हुए। इस दौरान संजीव बालियान आधे घंटे तक पुलिस हिरासत में भी रहे।
मुजफ्फरनगर। भाजपा सांसद संजीव बालियान , विधायक उमेश मलिक समेत करीब आधा दर्जन भाजपा नेता शुक्रवार को कोर्ट में पेश हुए। इस दौरान दोनों नेता कोर्ट में लगभग आधे घंटे तक पुलिस हिरासत में भी रहे। दरअसल, 2013 दंगा के मामले में अदालत में पेश ना होने के कारण कोर्ट ने हाल ही में इनके खिलाप गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था। लेकिन, समय पर ये कोर्ट में पेश नहीं हुए। शुक्रवार को कोर्ट में पेश होकर सभी ने अपने गैर जमानती वारंट रिकॉल कराये हैं। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि संसदीय कार्य में बिजी होने के कारण वो कोर्ट में पेश नहीं हो सके। साथ ही विधायक विधानसभा में व्यस्त रहने के कारण कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। उन्होंने कहा कि वे कोर्ट का सम्मान करते हैं और आज इसलिए कोर्ट में पेश होकर अपने वारंट रिकॉल कराये हैं।
यहां बतादें कि विशेष जांच दल (एसआईटी) के अधिकारियों के अनुसार अदालत ने सभी आरोपियों को 19 जनवरी 2018 तक पेश होने के लिए कहा था। एसआईटी ने आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 153 ए के तहत अपमानजनक भाषण देने के आरोप में मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी और राज्य सरकार ने इसकी अनुमति दे दी थी। SIT ने आरोप लगाया कि इन आरोपियों ने 2013 की महापंचायत में भाग लिया था और अगस्त 2013 के आखिरी सप्ताह में अपने भाषणों के माध्यम से हिंसा फैलाई थी। आरोपियों के खिलाफ कथित रूप से कानून का उल्लंघन करने, सरकारी कर्मचारियों को काम न करने देने और गलत गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में मामला दर्ज है। इसके अलावा आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामला दर्ज हैं। बता दें कि 2013 के अगस्त और सितंबर में मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में सांप्रदायिक हिंसा की वजह से 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और 40,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए थे।
यह था मामला
जाट और मुस्लिम समुदाय के बीच 27 अगस्त 2013 में झड़प शुरू हुई थी। बता दें कि कवाल गांव में कथित तौर पर एक जाट समुदाय लड़की के साथ एक मुस्लिम युवक की छेड़खानी के साथ यह मामला शुरू हुआ था। इसके बाद लड़की के परिवार के दो ममेरे भाइयों गौरव और सचिन ने शाहनवाज नाम के युवक को पीट-पीट कर मार डाला। उसके बाद मुस्लिमों ने दोनों युवकों को जान से मार डाला। इसके बाद पुलिस ने दोनों तरफ के लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद सभाएं शुरू हुई और मामला गरमाता चला गया।