मुख्य बातें कुख्यात बदमाश रोहित उर्फ सांडू को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने में दिया था साथ पुलिस ने मुठभेड़ में घायल कर दोनों इनामी बदमाशों को किया गिरफ्तार पुलिस पर फायरिंग कर बदमाशों ने कस्टडी से छुड़ाया था अपना साथी
मुजफ्फरनगर। जिले में 2 जुलाई को सांडू गैंग के सदस्यों द्वारा मिर्जापुर में तैनात एक दरोगा को गोली मारकर कुख्यात बदमाश रोहित उर्फ सांडू को छुड़ाने वाले दो बदमाशों ने पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी दोनों इनामी बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। इस दौरान बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गये। पुलिस ने इनके पास से 2 तमंचे कारतूस व एक बाइक भी बरामद की है। दोनों घायल बदमाशों पर 25 - 25 रुपये का इनाम घोषित है।
गैंग के मुखिया को छुड़ाने में आरोपियों की थी मुख्य भूमिका
दरअसल मामला मुजफ़्फरनगर जनपद के मीरापुर थानाक्षेत्र का है। यहां जटवाड़ा नहर पुल पर जानसठ कस्बा इंचार्ज चन्द्रसेन सैनी वाहन की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने नहर पटरी से आ रही सफेद अपाचे कार को रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने बाइक दौड़ा दी। पुलिस ने इसकी जानकारी वायरलेस पर प्रसारित करते हुए आरोपियों का पीछा शुरू कर दिया। इस दौरान मीरापुर थाने के इंस्पेक्टर पंकज त्यागी, एसएसआई राकेश शर्मा, कस्बा जितेन्द्र शर्मा ने पुलिस टीम के साथ सम्भलहेड़ा-जटवाड़ा नहर पटरी पर घेराबन्दी कर ली। पुलिस ने यहां बदमाशों को रुकने का इशारा किया, तो बदमाशो ने पुलिस पर फायर कर दिया। इस पर पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस की दो गोली बाइक पर सवार बदमाश में जा लगी। जबकि दूसरा बदमाश बाइक से गिर गया। दोनों बदमाशों के घायल होने पर पुलिस ने आरोपियों को दबोचा लिया। पुलिस को घायल बदमाशो ने अपना नाम हरियाणा के पानीपत थाना क्षेत्र के सम्भालका निवासी अमित उर्फ कुक्की पुत्र ईश्वर व मंसूरपुर थानाक्षेत्र के ग्राम सोंटा निवासी शुभम पुत्र रामवीर बताया। पुलिस ने दोनों बदमाशो से एक-एक तमंचा 315 बोर, तीन-तीन जिन्दा व एक-एक खोखा कारतूस बरामद किये है।
पुलिस दरोगा को गोली मारकर गैंग को मुखिया को लेकर हुए थे फरार
बता दें कि दो जुलाई को आरोपियों ने पुलिस कस्टडी से जानसठ क्षेत्र में दरोगा दुर्ग विजय सिंह को गोली मारकर फरार हुए चर्चित बदमाश रोहित सांडू को भागने में साथ दिया था। दोनों बदमाश इस वारदात में शामिल थे। उस दिन भी घटना के दौरान पुलिस की एक गोली पकड़े गए एक बदमाश शुभम को लगी थी, लेकिन वह भागने में कामयाब रहा था। पुलिस आरोपी रोहित को उस दिन मुजफ्फरनगर पेशी से वापस मिर्जापुर ले जा रही थी। तभी से यह पूरा गैंग पुलिस के निशाने पर है।