UP प्रशासन ने निकाय चुनाव के नाम पर फिल्म को किया बैन
बिजनौर. शहर बिजनौर में फ़िल्म मुजफ्फरनगर द बर्निंग लव का एक ही शो चलाया गया। ये शो भी प्रशासन की बिना जानकारी के ही चलाया गया, लेकिन जब प्रशासन को इस फ़िल्म के दूसरे जिलों में मौखिक रूप से रोक लगा दिए जाने का पता चला तो इसको बिजनौर में भी बंद करा दिया गया। सिनेमा घर मालिक सिर्फ वही शो चला पाए, जिसका वो टिकट बेच चुके थे । उसके आगे इस फ़िल्म का शो नहीं चलाने दिया गया। फ़िल्म बिना पब्लिसिटी के चली, इस लिए शो में मात्र 5 दर्शक ही फ़िल्म देखने पहुंचे थे।
फ़िल्म मुज्जफरनगर द बर्निंग फ़िल्म मुज्जफरनगर में हुए दंगे से जुड़ी हुई है। दरअसल, यहां 2013 दो समुदाय के बीच हुए झगड़ों के बाद दंगे का रूप ले लिया था । उसी के ऊपर इस फ़िल्म को बनाया गया है और 17 नवंबर को यह फ़िल्म ऐसे समय में रिलीज हुई है, जब उत्तर प्रदेश में स्थानीय निकाय के चुनाव चल रहे हैं। इन चुनाव का पहला चरण भी मुज्जफरनगर के आसपास के जिले मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, शामली आदि जिलों में है। इसलिए फ़िल्म को लेकर कोई विवाद न हो, इसी के मद्देनजर प्रशासन ने बिना किसी लिखित आदेश के ही फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है।
सिनेमा हॉल मालिकों को प्रशासन ने फिलहाल यह फ़िल्म दिखाने से मना कर दिया है और साफ हिदायत दी घई है कि अगर कोई सिनेमा हॉल मालिक इसे धिखाता है तो वो अपनी जिनमेदारी पर चलाए । प्रशासन सिनेमा घरों को चुनाव के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा नही दे पाएगा। इसके बाद मॉल और सिनेमा हॉल मालिकों ने इस फ़िल्म के चलाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। बिजनौर में भी ये फ़िल्म SRS मॉल में लगी थी । शुक्रवार को इसका पहला शो चला था, लेकिन जैसे प्रशासन को अन्य जनपदों में इस फ़िल्म के प्रदर्शन पर रोक लगने का पता लगा तो यहां भी इस फिल्म पर रोक लगा दी गई । सिर्फ वही शो चलने दिया गया, जिसके टिकट बिक चुके थे। इसके आगे मॉल में फ़िल्म चलाने पर रोक लगा दी गई। माल स्वामी को मौखिक आदेश दे दिए गए है। इसलिए अगले शो के टिकट भी नहीं बेचे गए। दोपहर 1.30 बजे से 3.30 बजे तक चली फ़िल्म देखने मात्र 5 ही दर्शक ही पहुंचे।